राम मंदिर दान विवाद : गिरफ्तार 8 आरोपियों के घरों पर पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
छापेमारी करती यूपी पुलिस (Photo: PTI)
Ram Mandir Donation Controversy : अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला अब और गंभीर हो गया है. एसआईटी की शुरुआती जांच में चढ़ावे के हिसाब-किताब में कई गड़बड़ी सामने आई हैं. इसके बाद नकदी और कीमती चढ़ावे की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मामले को लेकर अब छापेमारी की जा रही है.
Ram Mandir Donation Controversy : राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों के घरों पर रविवार (28 जून) सुबह पुलिस ने एक साथ छापेमारी की. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की. इस दौरान करीब 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. मामले की जांच जारी है.
VIDEO | Uttar Pradesh: Police raid homes of eight accused in the Ayodhya Ram Temple embezzlement case; recover Rs 79.85 lakh.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 28, 2026
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इस बीच राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार (27 जून) को पुष्टि की कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. यह विवाद 7 जून को तब शुरू हुआ था, जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडेय ने आरोप लगाया था कि मंदिर के चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की रकम का गबन किया गया है.
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उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया
13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी ने 15 से 20 जून के बीच अयोध्या में प्रारंभिक जांच की, जिसमें श्रद्धालुओं के चढ़ावे की नकदी और कीमती सामान के प्रबंधन में पहली नजर में कई गड़बड़ियां सामने आईं. इसके बाद आठ नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई.
किन 8 लोगों को किया गया है गिरफ्तार?
गिरफ्तार किए गए लोगों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रामाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडेय शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा आपस में रिश्तेदार हैं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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