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श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई, एक साथ 18 याचिकाओं पर होगी चर्चा

Updated at : 18 Jul 2025 11:26 AM (IST)
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Mathura Shri Krishna Janmbhoomi-Shahi Eidgah Controversy

Mathura Shri Krishna Janmbhoomi-Shahi Eidgah Controversy

Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Case: याचिकाकर्ता और वकील महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि, हाई कोर्ट से मथुरा विवाद पर जल्द और निष्पक्ष सुनवाई की मांग करेंगे. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम पक्ष इस मामले को लटकाने की कोशिश में लगा हुआ है. साथ ही हिन्दू संगठनों की तरफ से प्रस्तावित हिन्दू चेतना यात्रा पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसको लेकर भी कोर्ट में चर्चा हो सकती है.

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Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Case: श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर आज, 18 जुलाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई होगी, जिसमें कई पहलुओं पर चर्चा की जाएगी. दोपहर 2 बजे के बाद होने वाली सुनवाई में एक साथ 18 याचिकाओं पर विचार किया जाएगा. याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामले में अपना पक्ष मजबूती के साथ रखेंगे.

मजबूती से रखेंगे अपना पक्ष- याचिकाकर्ता

याचिकाकर्ता और वकील महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि, हाई कोर्ट से मथुरा विवाद पर जल्द और निष्पक्ष सुनवाई की मांग करेंगे. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम पक्ष इस मामले को लटकाने की कोशिश में लगा हुआ है. साथ ही हिन्दू संगठनों की तरफ से प्रस्तावित हिन्दू चेतना यात्रा पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसको लेकर भी कोर्ट में चर्चा हो सकती है. मंदिर-मस्जिद काफी लंबे समय से चला आ रहा है. ऐसे में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे, क्योंकि यह मामला ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों ही नजरिये से संवेदनशील है.

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हिन्दू पक्ष का दावा

गौरतलब है कि हिन्दू पक्ष का दावा है कि मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर बने केशवदेव मंदिर को तोड़कर बनाया गया है. मंदिर को 17वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब ने तुड़वाया था. यह भगवान श्रीकृष्ण का जन्म स्थान है.

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मुस्लिम पक्ष का दावा

मुस्लिम पक्ष इस पर कानूनी वैधता का दावा करता है. प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट,1991 का हवाला देते हुए मुस्लिम पक्ष का कहना है कि 15 अगस्त, 1947 के बाद धार्मिक स्थलों की जैसी स्थिति है, वैसी बनी रहनी चाहिए. इसके अलावा, 1968 में समझौता हो गया है. ऐसे में तकरीबन 60 साल बाद चुनौती नहीं दी जा सकती है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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