Pakistani in UP : पाकिस्तानी महिला यूपी में, बनवा लिया आधार कार्ड, बन गई वोटर, उठाने लगी राशन

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Jun 2025 8:05 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Pakistani in UP : छह दशकों से अधिक समय से बरेली में पाकिस्तानी मूल की महिला रह रही थी. उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. महिला ने बिना भारतीय नागरिकता के आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज बनवा लिये. जानें यहां पूरा मामला.

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Pakistani in UP : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां  पुलिस ने छह दशकों से अधिक समय से रह रही पाकिस्तान में जन्मी एक महिला के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की. पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला ने बिना भारतीय नागरिकता के आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज बनवा लिए थे.

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मानुष पारीक ने बताया कि विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए ‘ऑपरेशन खोज’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी, रोहिंग्या और पाकिस्तानी नागरिकों की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि गुरुवार को जांच के दौरान बारादरी इलाके के सूफी टोला में फरहत सुल्ताना मिली जिसका जन्म पाकिस्तान में हुआ था और उसके पास भारतीयता का कोई प्रमाण नहीं हैं. इसके बावजूद उसने आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवा लिए. यह कानूनी रूप से गलत है. इस सम्बन्ध में बारादरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू हो गयी है.

मुझे पाकिस्तानी मत कहो : फरहत सुल्ताना

उधर, फरहत सुल्ताना ने दावा किया “मुझे पाकिस्तानी मत कहो, मैं हिन्दुस्तानी हूं.” फरहत सुल्ताना उर्फ फरीदा ने पुलिस के सामने खुद को भारतीय बताया. उसका कहना है कि “मेरा जन्म भले ही 1961 में पाकिस्तान में हुआ था , लेकिन मैं सिर्फ आठ महीने की थी जब बरेली आ गई थी. मैंने पाकिस्तान को कभी नहीं देखा. मेरा पूरा जीवन भारत में बीता है. मेरी आंखें भारत में खुलीं, मैं यहीं पली-बढ़ी हूं. मुझे पाकिस्तानी न कहा जाए, मैं हिन्दुस्तानी हूं और मुझे अपने देश में ही रहना है.”

64 वर्षों से बरेली में रह रही हैं फरहत सुल्ताना

फरहत सुल्ताना का दावा है कि वे बीते 64 वर्षों से बरेली में रह रही हैं. इस दौरान उन्होंने आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनवा लिए, जिससे उन्हें स्थानीय सुविधाओं का लाभ मिल रहा था.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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