काशी को मिली 25,500 करोड़ की सौगात, एयरपोर्ट से काशी विश्वनाथ 15 मिनट में

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प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का सांकेतिक दृश्य (AI सांकेतिक तस्वीर)

प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का सांकेतिक दृश्य (AI सांकेतिक तस्वीर)

UP News: वाराणसी को केंद्र सरकार से 25,500 करोड़ रुपये की सौगात मिली है. दो एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे एयरपोर्ट से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक की यात्रा 15 मिनट में पूरी हो सकेगी. यह परियोजना शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगी.

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UP News: वाराणसी की सड़क और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने करीब 25,500 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक की यात्रा लगभग **15 मिनट में पूरी की जा सकेगी.

गंगा और वरुणा पर बनेंगे दो एलिवेटेड कॉरिडोर

परियोजना के तहत गंगा और वरुणा नदी पर दो आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. पहला 46 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा. यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाई जाएगी. इसके अलावा वरुणा नदी पर भी एक अलग एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

घटेगा सफर का समय, ट्रैफिक से मिलेगी राहत

नई परियोजना के बाद वाराणसी एयरपोर्ट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने में करीब 15 मिनट और बीएचयू तक पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगेगा. वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 45 मिनट से एक घंटे तक का समय लग जाता है. इससे शहर के प्रमुख धार्मिक और शैक्षणिक स्थलों के साथ-साथ सारनाथ तक पहुंचना भी आसान होगा और ट्रैफिक जाम में कमी आने की उम्मीद है.

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

कॉरिडोर के शुरू होने के बाद वाहनों की औसत गति करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकेगी. अनुमान है कि इससे हर साल लगभग 1.25 करोड़ लीटर ईंधन की बचत होगी. इसके अलावा पर्यटन में करीब 50 प्रतिशत और व्यापारिक गतिविधियों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा प्रोजेक्ट

गंगा कॉरिडोर का निर्माण करीब 14,447 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा. वहीं वरुणा नदी पर बनने वाला कनेक्टिविटी कॉरिडोर लगभग 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा. परियोजना में फ्लाईओवर, रैंप, लूप, सर्विस रोड और मुख्य कैरिजवे जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी. इससे वाराणसी रिंग रोड, एयरपोर्ट, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और प्रमुख घाटों तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी.

रामनगर से काशी विश्वनाथ तक बनेगा नया सीधा मार्ग

परियोजना के तहत रामनगर की ओर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक गंगा पर एक नया पुल भी बनाया जाएगा. इसके साथ ही रामनगर में लगभग 5,000 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग विकसित की जाएगी. इससे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आने वाले श्रद्धालुओं को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना सीधे मंदिर तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी. मंडलायुक्त के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद से वाराणसी में सड़क अवसंरचना के विकास पर करीब 59,500 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो देश के किसी एक शहर के लिए एक उल्लेखनीय निवेश माना जा रहा है.

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