NEET परीक्षा देकर लौटी छात्रा ने लिखा- 'मुझसे कुछ नहीं होगा भैया जी', फिर उठाया खौफनाक कदम

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मृतक चंचल भारती

UP News: नीट परीक्षा देकर एक छात्रा घर लौटी थी. लेकिन परीक्षा देने के बाद से निराशा थी. नीट परीक्षा के तनाव में छात्रा ने घर के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली. परिजनों ने फंदे से लटकता देख उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

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UP News: NEET का दोबारा एग्जाम देने के बाद डॉक्टर बनने का सपना आंखों में लिए UP के महराजगंज की 19 वर्षीय चंचल भारती घर लौटी थी. कुछ घंटों बाद कमरे से उसका शव मिला. प्रश्नपत्र पर लिखा एक वाक्य-“मेरे से कुछ नहीं हो सकता मेरे भैया जी” छात्रा दो भाईयों की इकलौती बहन थी. उसका बड़ा भाई 2021 में नीट परीक्षा क्वालीफाई कर एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुका है. वह देवरिया के एक अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहा है.

नीट परीक्षा देकर लौटी छात्रा की मौत

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में नीट परीक्षा देकर लौटी 19 वर्षीय छात्रा चंचल भारती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक छात्रा सदर कोतवाली क्षेत्र के चौपरिया टोला कंचनपुर की रहने वाली थी. वह सोमवार को गोरखपुर में आयोजित नीट परीक्षा देकर घर लौटी थी. परिजनों के अनुसार, वह परीक्षा के बाद अपने उत्तरों का मिलान कर रही थी और बार-बार कह रही थी कि उसका पेपर अच्छा नहीं हुआ. परिवार ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद वह कमरे में फंदे से लटकी मिली. परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने शुरू की जांच

कमरे से मिले नीट प्रश्नपत्र पर चंचल की हैंडराइटिंग में लिखा मिला, “मेरे से कुछ नहीं हो सकता मेरे भैया जी” पुलिस ने इस नोट को जांच का हिस्सा बनाया है और प्रश्नपत्र को भी कब्जे में लेकर हैंडराइटिंग व अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है.

डॉक्टर बनने का सपना खत्म

मृतक चंचल भारती एक किसान परिवार से थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी. उसके पिता अमरजीत भारती खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. परिवार में दो भाई और दो बहनें हैं, जिनमें चंचल सबसे छोटी थी. बड़ा भाई डॉक्टर है, जबकि दूसरा भाई निजी क्षेत्र में कार्यरत है. परिजनों का कहना है कि परिवार की ओर से उस पर किसी तरह का दबाव नहीं था, लेकिन परीक्षा के प्रदर्शन को लेकर वह काफी परेशान और निराश दिखाई दे रही थी.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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