Milkipur By Election Result : एक क्राइम ने बदल दिया सीन! आखिर अखिलेश यादव और डिंपल पर कैसे भारी पड़े योगी

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Milkipur By Election Result

सीएम योगी (बाएं) अखिलेश यादव (दाएं)

Milkipur By Election Result 2025 : अयोध्या में दलित महिला के साथ हुई घटना का क्या चुनाव पर असर पड़ा? मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव कैसे जीतने में कामयाब रही बीजेपी?

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Milkipur By Election Result : मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज करके साबित कर दिया कि यूपी के दिल में अभी भी पार्टी राज करती है. इस सीट को जीतकर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के फैजाबाद क्षेत्र में लोकसभा चुनाव की हार का बदला लिया. 2022 के विधानसभा चुनावों में अयोध्या जिले में बीजेपी द्वारा हारी गई एकमात्र सीट मिल्कीपुर थी जिसे पार्टी जीतने में कामयाब रही. बीजेपी ने इस निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रचार किया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्तिगत रूप से लगभग दो महीने तक अभियान की निगरानी की. छह चुनावी रैलियों को संबोधित किया. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने पार्टी के लिए प्रचार अभियान लीड करते दिखे.

अयोध्या में दलित महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो, अयोध्या में दलित महिला महिला के साथ हुई घटना ने कुछ हदतक चुनाव में प्रभाव डाला. 22 वर्षीय महिला की नृशंस हत्या की ‘नैतिक जिम्मेदारी’ स्वीकार करते कैमरे पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद कैद हुए थे. उन्होंने भगवा पार्टी ने निशाना साधा था. महिला का शव गांव के पास एक सुनसान नहर में मिली थी, उसकी आंखें गायब थीं. उसके शरीर पर गहरे घाव और फ्रैक्चर थे. घटना पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद रो पड़े थे. फैजाबाद के सांसद ने कहा था, ”मुझे दिल्ली जाने दो. मैं इस मामले को लोकसभा में (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी के समक्ष उठाऊंगा.”

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बड़े अंतर से मिल्कीपुर जीती बीजेपी

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, बीजेपी उम्मीदवार चंद्रभानु पासवान ने मिल्कीपुर उपचुनाव में 61,710 मतों के अंतर से जीत हासिल की. ​​मिल्कीपुर (एससी) सीट पर बीजेपी की जीत के साथ, फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र के सभी पांच विधानसभा क्षेत्र अब पार्टी के पास हैं. अवधेश प्रसाद ने लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इस वजह से यह सीट खाली हुई थी. सपा ने प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को उपचुनाव में उतारा था जबकि बीजेपी ने चंद्रभानु पासवान को प्रत्याशी बनाया था. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उपचुनाव नहीं लड़ा. वहीं, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी सपा का समर्थन किया था.

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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : [email protected]

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