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UP Assembly Monsoon Session:अटल भूजल योजना 10 जिलों में लागू, जल शक्ति मंत्री ने विधान सभा में दिया जवाब

Updated at : 09 Aug 2023 11:52 AM (IST)
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UP Assembly Monsoon Session:अटल भूजल योजना 10 जिलों में लागू, जल शक्ति मंत्री ने विधान सभा में दिया जवाब

यूपी सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विधानसभा में सरकार ने भूगर्भ जल स्तर की गिरावट को रोकने के लिए किए गए उपायों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जल संचयन और भूगर्भ जल रिचार्ज के साथ भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबंधधन एवं

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लखनऊ: यूपी में प्रदेश में गिरते हुए जल स्तर की समस्या के निदान के लिए भारत सरकार ने प्रदेश के 10 जनपदों चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, झांसी, मुजफ्फरनगर, शामली, ललितपुर, महोबा, बागपत एवं मेरठ में अटल भूजल योजना लागू की है. योगी सरकार भूगर्भ जल के संरक्षण को लेकर भी सजगता से कार्य कर रही है. सरकार ने भूगर्भ जल स्तर की गिरावट को रोकने के लिए अनेक उपाय किए हैं. जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विधान सभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी.

भूगर्भ जल स्तर में गिरावट रोकने के प्रयास

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने बताया कि जल संचयन और भूगर्भ जल रिचार्ज के साथ-साथ भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबन्धन एवं नियमन पर गंभीरता से कार्य किया गया है. उत्तर प्रदेश में लोगों तक शुद्ध पीने योग्य पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ सरकार की ओर से भूगर्भ जल स्तर में गिरावट को रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं.

65  जिलों में उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना

उन्होंने बताया कि विभाग चेकडैम का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार, आन-फार्म हार्वेस्टिंग, मेढबंदी, रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग आदि कार्य शामिल हैं. अटल भूजल योजना के तहत प्रदेश के बचे 65 जनपदों को आच्छादित करते हुए उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना लागू की गयी है. इसके अतिरिक्त प्रदेश के समस्त जनपदों में लघु सिंचाई विभाग चेकडैम का निर्माण एवं तालाबों का जीर्णोद्धार कराता है.

शहरी क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना

जल शक्ति मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूजल संसाधनों की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबंधन एवं नियमन किये जाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम-2019’ प्रख्यापित है. अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत सभी सरकारी/अर्द्धसरकारी भवनों, सरकारी सहायता प्राप्त भवनों, नियमानुसार निजी क्षेत्रों के 300 वर्ग मीटर एवं उससे अधिक के भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अनिवार्य रूप से स्थापित किये जाने का प्रावधान है.

इसके अतिरिक्त लघु सिंचाई विभाग एवं अन्य विभाग भी रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना करते हैं. विगत वर्षों में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में विभागीय योजना के अंतर्गत लगभग 2.40 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना की गयी है. इस वित्तीय वर्ष 2023-24 में 50,000 वर्ग मीटर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना की जानी है.

‘कैच द रेन’ मुहिम

जल शक्ति मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के जल शक्ति अभियान के अंतर्गत ‘कैच द रेन’ की मुहिम चलाई गयी है. जिसके अंतर्गत विभिन्न संबंधित विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं के अधीन वर्षा जल संचयन एवं भूगर्भ जल रिचार्ज के विभिन्न कार्य कराये जाते है. जिनमें चेकडैम का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार, आन-फार्म हार्वेस्टिंग, यथा-मेढ़बंदी, रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग आदि संरचनाओं के कार्य सम्मिलित हैं.

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Amit Yadav

लेखक के बारे में

By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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