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लखनऊ: राजनाथ सिंह को मिला भोजपुरी शिरोमणि सम्मान, हिंदी बोलने पर हुआ विरोध तो ब्रजेश पाठक ने संभाला मोर्चा

Updated at : 06 Aug 2023 8:01 AM (IST)
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लखनऊ: राजनाथ सिंह को मिला भोजपुरी शिरोमणि सम्मान, हिंदी बोलने पर हुआ विरोध तो ब्रजेश पाठक ने संभाला मोर्चा

अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के कार्यक्रम में हिंदी बोलने पर लोगों ने विरोध कर दिया. तो इस दौरान मौके पर स्थिति डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मोर्चा संभालाते हुए कहा हम त बोलत रही कि गाना शुरू करा जा, हमनी के अइजा सब भोजपुरी के सम्मान खातिर इकट्ठा भइल बानी जा. हम आप सबके प्रणाम करत बानी.

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UP News: लखनऊ में अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के तरफ से शनिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें प्रदेश के कई दिग्गज शामिल हुए. कार्यक्रम दौरान एंकर ने जब हिंदी बोलना शुरू किया तो लोगों ने नाराजगी जताते हुए विरोध कर दिया. एंकर के खिलाफ नारे लगने लगे. इस दौरान मौके पर स्थिति डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मोर्चा संभाला.

वे तत्काल माइक के पास आ पहुंचे. उन्होंने अपना भाषण भोजपुरी में शुरू कर दिया. ब्रजेश पाठक ने कहा हम त बोलत रही कि गाना शुरू करा जा, हमनी के अइजा सब भोजपुरी के सम्मान खातिर इकट्ठा भइल बानी जा. हम आप सबके प्रणाम करत बानी. ब्रजेश पाठक के इतना कहते ही पूरे कार्यक्रम में तालियों की गुंज शुरू हो गई.

रक्षामंत्री और मुख्य सचिव को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में भोजपुरी समाज से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया. इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भोजपुरी शिरोमणि अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा को भोजपुरी रत्न एक्सप्रेस से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि अपनी बोली पर गर्व होना चाहिए. उन्होनें कहा कि पुरी दुनिया में कहीं भी सम्मान मिला हो लेकिन अपने घर में मिला सम्मान मिला सबसे खास होता है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान हमेशा से खास रहा है. इस दौरान उन्होंने हालैण्ड से लेकर दुनिया के दूसरे देशों में भोजपुरी के किस्से सांझा किए.

सूर्य प्रताप शाही बोले अपनी बोली पर गर्व होना चाहिए

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि भोजपुरी भाषा पर हम सब को गर्व होना चाहिए. हम किसी भी राज्य में जाते हैं तो वहां की स्थानीय बोली सुनने को मिलती है. लेकिन हम कई बार अपनी बोली से परहेज करते है. लेकिन हमको अपनी बोली पर गर्व होना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोग भोजपुरी बोलने में शर्माते हैं. उन्होंने कहा कि भोजपुरी हमारी पहचान रही है. अंग्रेजों की लड़ाई में भी भोजपुरी का बड़ा योगदान रहा है. भिखारी ठाकुर से लेकर वीर कुँवर सिंह तक का उन्होंने उदाहरण दिया.

कानपुर में सूर्यप्रताप शाही बोले टमाटर महंगा होना चिंता की बात नहीं

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विज्ञान केंद्र, दिलीप नगर कानपुर देहात का निरीक्षण किया. यहां वैज्ञानिकों से विषयवार समीक्षा की. वैज्ञानिकों के कार्यों की सराहना करने के साथ गांवों में पोषण वाटिका ज्यादा से ज्यादा बनवाने के लिए निर्देश दिए. मंत्री ने कहा की पोषण वाटिका कुपोषण निवारण हेतु सबसे सशक्त उपाय है. उन्होंने केंद्र पर कराए जा रहे प्राकृतिक खेती के परीक्षण की समीक्षा करते हुए कहा की इसको और बढ़ावा देने की जरूरत है.

वहीं, विज्ञान केंद्र के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह ने रासायनिक व प्राकृतिक खेती के उत्पादन की व्याख्या करते हुए बताया कि फसल उत्पादन रासायनिक से तीन कुंतल कम होने पर भी प्रोडक्टिव हो सकती है. कहा कि रासायनिक उर्वरकों व दवाओं पर लगभग 30 से 35 प्रतिशत पर खर्च हो जाता है, जिसे बचाया जा सकता है और लागत कम होती है.

वहीं कानपुर में कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि टमाटर का ये ऑफ सीजन है. इसलिए ये बहुत चिंता की बात नहीं है कि टमाटर महंगा हो रहा है. इसलिए उनका रेट बढ़ना स्वाभाविक है. मीडिया को भी टमाटर की महंगाई को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए. प्रदेश और भारत सरकार किसानों को प्रोटेक्टिव फॉर्मिंग की प्रोत्साहित कर रहे हैं. इसके लिए किसानों को संरक्षित खेती के लिए सरकार अनुदान भी दे रही है. बरसात के सीजन में टमाटर जैसी फसलें खराब हो जाती हैं. इसलिए मीडिया को इस पर फोकस नहीं करना चाहिए. प्रदेश में तीन मौसम के हिसाब से तीन फसलें होती हैं.

बता दें कि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ये बयान तब दिया है जब प्रदेश में टमाटर के भाव 200 रुपए किलो के ऊपर चल रहे हैं. प्रदेश के प्रमुख शहर कानपुर, लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, अलीगढ़, बरेली समेत अन्य जिलों में टमाटर का भाव 200 से 250 रुपए प्रति किलो तक चल रहा है. वहीं गाजियाबाद में टमाटर को लेकर मारपीट तक हो गई. ऐसे में कृषि मंत्री का ये बयान पार्टी के लोगों के भी गले नहीं उतर रहा है.

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Sandeep kumar

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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