UP News: कौशांबी ट्रिपल मर्डर केस मामले में बड़ी कार्रवाई, सीएम योगी के आदेश पर चकबंदी विभाग के छह निलंबित

चकबंदी के मामलों के निपटारे में लेटलतीफी, लापरवाही और अनियमितता पर सीएम योगी ने कड़ा एक्शन लिया है. उन्होंने चकबंदी अधिकारी से लेकर लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की है. इसमें निलंबन से लेकर एफआईआर, नौकरी से बर्खास्तगी की की कार्रवाई शामिल है.
लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ ने चकबंदी संबंधी मामलों के निपटारे में लेटलतीफी, लापरवाही, अनियमितता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. सीएम के रुख के बाद चकबंदी विभाग में आधा दर्जन जिलों के चकबंदी अधिकारी से लेकर लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है. चकबंदी आयुक्त ने सीएम योगी के निर्देश के बाद गुरुवार को कौशांबी में तिहरे हत्याकांड में पट्टे की भूमि विवाद में लापरवाही पर चकबंदी अधिकारी समेत 6 लोगों को निलंबित कर दिया है. जबकि कुल एक दर्जन लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. इनमें निलंबन से लेकर एफआईआर और यहां तक कि नौकरी से बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की गई है.
चकबंदी आयुक्त की ओर से पिछले एक माह में एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 सितंबर को एनेक्सी में राजस्व की समीक्षा बैठक में लापरवाही और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे. जिसके बाद विभागीय स्तर पर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की गयी. सीएम योगी से हरी झंडी मिलते ही ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. बताया जा रहा है कि अभी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है. इसके लिये सीएम की मंजूरी का इंतजार है.
चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. कौशांबी में तिहरे हत्याकांड में पट्टे की भूमि विवाद में लापरवाही पर चकबंदी अधिकारी मिथिलेश कुमार, सहायक चकबंदी अधिकारी अफजाल अहमद खां, तीन चकबंदी लेखपाल शिवेश सिंह, शीलवंत सिंह, रवि किरन सिंह और चकबंदीकर्ता राम आसरे को निलंबित कर दिया है. अनियमितता एवं अनुशासनहीनता पर चकबंदी अधिकारी देवराज सिंह की सेवा समाप्त कर दी गयी है. जबकि एटा के सहायक चकबंदी अधिकारी सतीश कुमार को पदावनत करते हुए मूल वेतन पर नियुक्त किया है.
चकबंदी आयुक्त ने बताया कि कुछ समय पहले प्रतापगढ़ के ग्राम शिवरा में चकबंदी में लापरवाही की शिकायत मिली थी. इस पर जांच के लिये निदेशालय स्तर से समिति का गठन किया गया था. समिति की रिपोर्ट के आधार पर चकबन्दी अधिकारी ओमकार शरण सिंह के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी के साथ जौनपुर के उप संचालक चकबंदी अधिकारी सोमनाथ मिश्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. जबकि पूर्व तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शीतलेंद्र सिंह के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति मांगी गायी है.
इसके अलावा पिछले एक माह में चकबंदी आयुक्त ने अनुशासनहीनता पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सात चकबंदी अधिकारी सुनील अग्रवाल, धीरेद्रजीत सिंह, अच्छेलाल, कल्याण प्रताप सिंह, रमेश बाबू, ललित कुमार व रामकिशोर सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है. जिसमें सुनील अग्रवाल व रामकिशोर सिंह को अनियमितता को दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है. वहीं धीरेंद्रजीत सिंह को निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज करायी गयी है. इतना ही नहीं सुनील कुमार, सहायक चकबन्दी अधिकारी, बरेली तथा अशोक कुमार लाल, सहायक चकबंदी अधिकारी, कौशाम्बी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
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