बाराबंकी में पेशी पर आया गैंगस्टर सिपाही की आंख में मिर्च पाउडर डालकर भागा, पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दबोचा

Published by : Sandeep kumar Updated At : 04 Aug 2023 8:08 AM

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बाराबंकी में पेशी पर लाया गया गैंगस्टर एक्ट का आरोपी सिपाही की आंख में मिर्ची पाउडर झोंक कर फरार हो गया. मगर, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए गैंगस्टर का पीछा कर उसे कुछ दूरी पर ही गिरफ्तार कर लिया.

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Lucknow : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पेशी पर लाया गया गैंगस्टर एक्ट का आरोपी सिपाही की आंख में मिर्ची पाउडर झोंक कर फरार हो गया. मगर, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए गैंगस्टर का पीछा कर उसे कुछ दूरी पर ही दबोच लिया. आरोपी पर गैंगस्टर सहित 17 मुकदमे दर्ज हैं और बदोसरांय पुलिस ने चोरी के मुकदमे में इसको जेल भेजा था. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

शातिर चोर है आरोपी

दरअसल, रामनगर के गणेशपुर का रहने वाला अदनान शातिर चोर है. जो गिरोह बनाकर चोरी करता है. उसके खिलाफ बदोसरांय थाना में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है. बदोसरांय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था. गुरुवार को पेशी पर लाया गया था. पुलिस उसे न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी. तभी सीजेएम कोर्ट के पास अदनान ने सिपाही की आंख में मिर्ची पाउडर झोंक दिया और भागने लगा. हालांकि, पुलिस ने उसे थोड़ी ही दूरी पर फिर से दौड़ाकर पकड़ लिया और राहत की सांस ली.

आरोपी के पत्नी पर शक

मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी गई. जिसके बाद कोतवाली पुलिस बल परिसर में पहुंचा. जांच पड़ताल की गई. उधर, आरोपी को पेशी के बाद वापस जेल भेज दिया गया है. बताया जाता है कि पति की पेशी की सूचना पर अदनान की पत्नी पहले से न्यायालय परिसर में मौजूद थी. उसने तंबाकू के पैकेट में मिर्ची का पाउडर भरकर पति को दिया था. यही पाउडर छिड़क कर अदनान भागा था.

इटावा में छेड़छाड़ के दोषी को कोर्ट ने सुनाया 3 वर्ष का कारावास

इटावा के स्थानीय कोर्ट ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 वर्ष का कारावास और 4 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई है. पुलिस और शासकीय अधिवक्ता की पैरवी के चलते 5 वर्ष बाद आरोपी को सजा सुनाई गई. थाना लवेदी क्षेत्र के दाऊदपुरा में 5 वर्ष पूर्व नाबालिग के साथ छेड़छाड़ की घटना की थी.

दरअसल, थाना लवेदी क्षेत्र के दाऊदपुरा गांव में 2019 में पीड़ित ने अपनी नाबालिग बहन के साथ गांव के ही सर्वेश उर्फ बल्लो पुत्र सुरेश चन्द्र त्रिपाठी के द्वारा उसके साथ छेड़खानी का मामले की थाने में सूचना दी थी. जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था. इसी मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉस्को एक्ट) इटावा द्वारा 3 वर्ष का कारावास व 4 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई गई.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि थाना लवेदी व मानीटरिंग, पैरवी सैल की प्रभावी पैरवी के चलते विवेचना अधिकारी एसआई हरवीर सिंह द्वारा विवेचना साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोपी सर्वेश उर्फ बल्लो पुत्र सुरेश चन्द्र त्रिपाठी के विरुद्ध 12 जनवरी 2019 को धारा 354 व 7/8 पॉक्सो एक्ट में न्यायालय इटावा के समक्ष प्रस्तुत किया गया था. पैरोकार का धर्मेन्द्र एवं मानीटरिंग सैल व विशेष शासकीय अधिवक्ता दशरथ सिंह चौहान द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए समयानुसार समस्त गवाहों व अन्य साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करते हुए प्रभावी एवं सख्त पैरवी की गयी. जिसके चलते आरोपी को सजा सुनाई गई.

जालौन में दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा

जालौन में 5 साल पहले 13 वर्षीय नाबालिग को दो युवकों ने अगवा किया था. एक युवक ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था. साक्ष्यों के आधार कर अपर जिला जज पास्को एक्ट के न्यायाधीश ने दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है. वहीं अपहरण में साथ देने वाले आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है. दोनों आरोपियों में 60 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया है. पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर जिला कारागार उरई भेज दिया.

मामले की पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि लगभग 5 साल पहले 11 अक्टूबर 2018 को कालपी कोतवाली के ग्राम मंगरौल के रहने वाले सीताराम पुत्र कामता ने अपने साथी चुर्खी थाना क्षेत्र के ग्राम ककहरा के रहने वाले लल्ला भईया पुत्र रतिराम के साथ मिलकर मगरौल की रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी का शाम 8 बजे अपहरण कर लिया. सीताराम ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. पीड़िता के पिता ने 11 अक्टूबर 2018 को ही अगवा करने वाले दोनों आरोपियों के विरुद्ध कालपी कोतवाली में अपहरण और दुष्कर्म व पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था.

मामले में पुलिस ने 11 माह बाद 2 सितंबर 2019 को कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिए. मामले की सुनवाई अपर जिला जज पास्को एक्ट कोर्ट में चली. चार साल तक चली सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयान और गवाहों और साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश मुहम्मद आजाद ने अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी सीताराम को दोषी मानते हुए 20 वर्ष कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा सुनाई. लल्ला भईया को अपहरण का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है.

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