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Saturday, March 2, 2024

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UP News: एएसपी राहुल श्रीवास्तव पर दुष्कर्म और अबॉर्शन का FIR दर्ज, पुलिस ने कही यह बात

यूपी एटीएस में तैनात पुलिस अधिकारी राहुल श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और 4 दोस्तों के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन अबॉर्शन और आपराधिक धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया था. इस मामले की जांच करने वाले पुलिस ने यह जानकारी दी है.

यूपी एटीएस में तैनात एक चर्चित पुलिस अधिकारी राहुल श्रीवास्तव के खिलाफ लखनऊ में रहने वाली युवती ने सेक्सुअल हैरेसमेंट जैसे गंभीर आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें गोमतीनगर विस्तार थाने में राहुल श्रीवास्तव, उनकी पत्नी मानिनी श्रीवास्तव और राहुल के 4 दोस्तों के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन अबॉर्शन और आपराधिक धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया है. तीन महीने बाद मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़िता ने राहुल श्रीवास्तव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही निलंबित करने की मांग भी की है. युवती ने आरोप लगाया कि यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान राहुल श्रीवास्तव के संपर्क में आई थी. उन्होंने तैयारी के लिए नोट्स देने के बहाने उसको बुलाया फिर धोखे से नशीला पदार्थ देकर दरिंदगी की. साथ ही आपत्तिजनक हालत में फोटो भी खींची हैं. युवती ने पहले पुलिस विभाग के आला अधिकारियों और 1090 पर शिकायत की, लेकिन आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही युवती ने 25 दिसंबर को राहुल श्रीवास्तव की वीडियो कॉल का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया था.

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एफआईआर के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली

इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर युवती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सीएम योगी और डीजीपी समेत कई पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई थी. जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और 6 जनवरी को लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज की गई. लेकिन अब पता चला है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही आरोपी अधिकारी छुट्टी पर चले गए हैं. इस मामले की जांच गोमतीनगर थाने के इंस्पेक्टर सुनील कुमार यादव कर रहे हैं.उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे राहुल श्रीवास्तव से संपर्क नहीं कर पाए हैं. उनका कहना है कि राहुल का एड्रेस भी उनकी जानकारी में नहीं हैं और न ही उनका मोबाइल नंबर है. हालांकि इंस्पेक्टर ने बताया कि वे पीड़िता की मेडिकल जांच और कोर्ट के सामने बयान दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं. अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

यह है पूरा मामला

युवती ने बताया था कि एडिशनल एसपी राहुल श्रीवास्तव से उसकी बातचीत 2018 में फेसबुक के जरिए हुए थी. उस वक्त उसकी उम्र 16-17 साल थी और वह UPSC की तैयारी कर रही थी. राहुल श्रीवास्तव ने मुझे UPSC एग्जाम क्वालीफाई करने का भरोसा दिया था. इसके बाद वह अक्सर स्टडी मटेरियल देने के लिए मुझसे मिलने आते थे. युवती ने बताया कि 2019 में एक बार अधिकारी ने मुझे स्टडी मटेरियल देने के बहाने होटल में मिलने बुलाया. वहां उन्होंने मुझे धोखे से नशीला पदार्थ दे दिया. फिर नशे की हालात में मेरे साथ दुष्कर्म किया और मेरी न्यूड तस्वीरें भी ले लीं. तभी से राहुल श्रीवास्तव आपत्तिजनक फोटो को वायरल करने का डर दिखाकर मेरा शारीरिक शोषण करते रहे. इस दौरान मैं प्रेग्नेंट भी हो गई और फिर अप्रैल 2023 में अस्पताल ले जाकर धोखे से मेरा एबॉर्शन करा दिया. युवती ने बताया कि एडिशनल एसपी राहुल श्रीवास्तव की पत्नी मानिनि श्रीवास्तव को भी दुष्कर्म और एबॉर्शन की जानकारी हो गई थी. इसके बाद मानिनि श्रीवास्तव और राहुल के दोस्त मेरे ऊपर दबाव बनाने लगे. उन्होंने मुझे धमकी दी कि अगर कहीं केस दर्ज करवाया तो वो लोग मुझे जान से मार देंगे. साथ ही मेरे परिवार वालों को झूठे मुकदमे में फंसा देंगे. मुझे और मेरे परिवार वालों को पुलिस अधिकारी, उसकी पत्नी और दोस्तों से खतरा है.

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पीड़िता ने कई अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार

युवती के मुताबिक एडिशनल एसपी की पत्नी मानिनि श्रीवास्तव लखनऊ यूनिवर्सिटी के साइकोलाजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर है. वहीं पीड़िता ने आरोप लगाया कि वह दो महीने से DGP, ADG लॉ एंड ऑर्डर और कमिश्नर के दफ्तर के चक्कर लगा रही है लेकिन कहीं पर सुनवाई नहीं हुई है. इसके बाद X पर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई. पीड़िता ने सोशल मीडिया पर यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय, लखनऊ पुलिस, एडीजी यूपी, उत्तर प्रदेश सीएमओ ऑफिस, उत्तर प्रदेश सरकार ऑफिस, केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी उत्तर प्रदेश और भारत के प्रधानमंत्री ऑफिस को टैग करते हुए लिखा कि आपकी सरकार में ऐसे अधिकारियों के द्वारा मेरी इज्जत को रोज उछाला गया, कृपया एफआईआर दर्ज कर मुझे इंसाफ दें. पीड़िता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैं डीजीपी यूपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार, एडीजी एडमिन नीरा रावत के पास भी पहुंची लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली.

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