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सपा दंगल : आपस में भिड़े अमर सिंह और रामगोपाल, जमकर एक-दूसरे पर निशाना साधा

Updated at : 08 Jan 2017 10:04 PM (IST)
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सपा दंगल : आपस में भिड़े अमर सिंह और रामगोपाल, जमकर एक-दूसरे पर निशाना साधा

लखनऊ : समाजवादी पार्टी के अंदर पिता और पुत्र के बीच साइकिल को लेकर दंगल जारी है. इस बीच सपा सांसद अमर सिंह और रामगोपाल भी एक-दूसरे से भिड़ गये और एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा. दोनों ने सपा में कलह के लिए एक-दूसरे को जिम्‍मेवार बताया. अखिलेश गुट के नेता रामगोपाल यादव ने सपा […]

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लखनऊ : समाजवादी पार्टी के अंदर पिता और पुत्र के बीच साइकिल को लेकर दंगल जारी है. इस बीच सपा सांसद अमर सिंह और रामगोपाल भी एक-दूसरे से भिड़ गये और एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा. दोनों ने सपा में कलह के लिए एक-दूसरे को जिम्‍मेवार बताया.

अखिलेश गुट के नेता रामगोपाल यादव ने सपा में जारी दंगल के लिए अमर सिंह को जिम्‍मेवार बताया और कहा, अमर अखिलेश यादव को चुनाव में हराने के लिए साजिश रच रहे हैं और तांत्रिक की भी मदद ले रहे हैं. रामगोपाल ने कहा, समाजवादी पार्टी में अखिलेश का पूरा हक है. उनके समर्थन में सपा के 90 फीसदी कार्यकर्ता हैं. सपा समर्थकों की पूरी सूची चुनाव आयोग में सौंप दी गयी है. अब मुलायम सिंह भी इस बात को मान लें की सपा में अखिलेश का ही पूरा हक है और अखिलेश ही पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष हैं.

रामगोपाल ने अमर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग हैं जो सपा को तोड़ने का काम कर रहे हैं और मुलायम सिंह को भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं. रामगोपाल ने राष्‍ट्रीय अधिवेशन को सपा संविधान के अनुरूप बताया और कहा, मुलायम सिंह खुद सपा के संविधान से अनभिग्‍य हैं. 1 जनवरी को अधिवेशन बुलाया गया था वो सही था, क्‍योंकि उस समय तक मैं अपने पद पर था. इसलिए अधिवेशन बुलाने का मेरा पूरा अधिकार बनता है. अधिवेशन के बाद उन्‍हें पार्टी से निकाला गया.
रामगोपाल यादव ने कहा, सपा के अंदर कोई झगड़ा नहीं है, मुलायम सिंह ने चुनाव आयोग में जो आवेदन दिया है उसे वापस ले लें. चुनाव के बाद राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के चुनाव में उन्‍हें फिर से राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चुन लिया जाएगा.इधर रामगोपाल के हमले पर अमर सिंह ने कहा, सारी विषमता और प्रतिकूलता का ठीकरा मुझपर और भाई शिवपाल यादव पर फोड़ दिया गया है. विकास का दावा करने वाले लोग विज्ञान के इस युग में अपने समर्थकों के माध्यम से तंत्र और तांत्रिक बात कर रहे हैं.
मैंने इस्तीफा देने की कोशिश की और देने के लिए तैयार बैठा हूं. मैं मुलायम सिंह के लिए और उनके परिवार की एकता के लिए हर तरह का बलिदान देने को तैयार हूं. उन्‍होंने कहा, हर तरह का त्याग बलिदान देने को हम तैयार हैं, ताकि परिवार टूटे नहीं और एक रहे. इतना सब होने के बावजूद जब आरोप लगता है तो दिल दुखता है.
मैं और शिवपाल मिट्टी थे. जिस कुम्हार ने हमारा निर्माण किया, हमारी प्रतिमा बनाई वह मुलायम सिंह हैं. हम उनके 2 बाजू हैं. मैं हाथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं, और क्या लोगे. त्यागपत्र देने को तैयार हूं. शिवपाल चुनाव लड़ने से हटने को तैयार हैं. अमर सिंह ने अखिलेश यादव से जिद छोड़ने की बात कही. उन्‍होंने कहा, क्या जिद है? किस बात की अकड़ है? इस घर को आग लग गई घर के चिराग से. इधर शिवपाल यादव नक भी अमर सिंह के राग से राग मिलाते हुए कहा, हम मिलकर रहना चाहते हैं, जो भी हूं, नेताजी की वजह से हूं. हर स्थिति परिस्थिति में हम नेताजी के साथ हैं. नेताजी मुलायम सिंह यादव का जो भी आदेश होगा उसे हम मानेंगे.
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