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योगी सरकार ने MLA फंड 1.5 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ किया

Updated at : 27 Mar 2018 8:27 PM (IST)
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योगी सरकार ने MLA फंड 1.5 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ किया

लखनऊ : प्रदेश की योगी सरकार ने विधायकों को बढ़ा तोहफा दिया है. सरकार ने विधायक निधि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ कर दिया गया है. विधानसभा में मंगलवार को बजट सत्र की समाप्ति के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों को विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली […]

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लखनऊ : प्रदेश की योगी सरकार ने विधायकों को बढ़ा तोहफा दिया है. सरकार ने विधायक निधि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ कर दिया गया है. विधानसभा में मंगलवार को बजट सत्र की समाप्ति के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों को विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली निधि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ किये जाने की घोषणा की.

इसके साथ ही विधायक निधि पर लगने वाले 12 प्रतिशत जीएसटी की व्यवस्था भी सरकार द्वारा अलग से करने की घोषणा की. इस खबर को प्रभात खबर ने एक महीने पहले ही ब्रेक किया था और अब योगी सरकार ने इस पर अपनी मोहर लगा दी है.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्व की भांति इस वर्ष भी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 100 हैण्डपम्प दिए जाने की घोषणा की. इसमें आवश्यकता पड़ने पर शहरी क्षेत्र में दो हैण्डपम्पों के स्थान पर एक सबमर्सिबल पम्प भी दिया जा सकेगा. सरकार की नीति में एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन के तहत योगी आदित्यनाथ ने सामान्य स्थितियों में 5 लाख और इमर्जेंसी में 10 लाख तक की राशि को विकास कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग से मुक्त किये जाने और सामान्य प्रक्रिया से कार्य आवंटन किये जाने की भी घोषणा की.

असल में सत्ता पक्ष और विपक्षी विधायक लगातार इसकी मांग कर रहे हैं कि विधायक निधि को बढ़ाया जाये. प्रदेश के बगल के प्रदेश उत्तराखंड में विधायकों की विधायक निधि 4 रुपये सालाना है. जबकि आबादी से हिसाब से देखें तो उत्तराखंड में एक विधानसभा क्षेत्र में औसत 80 लाख की जनखंख्या है जबकि उत्तर प्रदेश में एक विधानसभा क्षेत्र में 3.50 लाख से ज्यादा आबादी है. लिहाजा विधायक चाहते हैं सरकार विधायक निधि को बढ़ाया जाये.

विधायकों का कहना था कि जब उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में विधायक निधि 4 करोड़ रुपये है तो प्रदेश में उससे ज्यादा होनी चाहिए या फिर उसके बराबर होनी चाहिये.

विधायकों का कहना है कि क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से प्रदेश में विधायक निधि काफी कम है. विधायक निधि के जरिए विधायक क्षेत्र में सड़क निर्माण करने, हैंडपंप लगाने समेत कई विकास कार्य करते हैं.

सत्ता पक्ष के विधायक भी विधायक निधि को बढ़ाने के पक्ष में थे ताकि वह अपने क्षेत्र का विकास ज्यादा से ज्यादा कर सके. उत्तर प्रदेश दो अन्य पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और राजस्थान में विधायक निधि 2 करोड़ रुपये सालाना है.

* क्या है विधायक निधि

सरकार ने अपनी विधानसभा क्षेत्रों में विकास के लिए विधायकों को बजट आवंटित कर रखा है. इसे विधायक निधि कहते हैं. इस राशि से अपने क्षेत्र में विकास कराने के लिए विधायक स्वतंत्र होते हैं, इसके अलावा उन्हे और अधिक बजट की जरूरत होती है तो वित्त मंत्रालय और मुख्यमंत्री की स्वीकृति चाहिए होती है.

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