सांप काटने पर इलाज के लिए नहीं भटकना पड़ेगा! लखनऊ में बन रहा UP का पहला सरकारी स्नेक वेनम सेंटर, जानिए यहां क्या होने वाला है

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स्नेक वेनम सेंटर (AI)

UP Snake Venom Center: उत्तर प्रदेश सरकार सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. राजधानी लखनऊ में प्रदेश का पहला सरकारी स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर स्थापित किया जाएगा. यह केंद्र न केवल सांपों के जहर निकालने का काम करेगा, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान पर भी जोर देगा.

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UP Snake Venom Center: उत्तर प्रदेश में सर्पदंश से होने वाली मौतों पर लगाम लगाने और एंटी-वेनम के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राजधानी लखनऊ में गुजरात के वलसाड की तर्ज पर प्रदेश का पहला सरकारी स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर बनाने की तैयारी है. यहां सिर्फ सांपों का जहर निकालने का काम नहीं होगा, बल्कि उसके वैज्ञानिक अध्ययन और रिसर्च पर भी जोर दिया जाएगा.

चिड़ियाघर या कुकरैल में बन सकता है सेंटर

सरकार इस सेंटर को लखनऊ के चिड़ियाघर या कुकरैल में स्थापित करने पर विचार कर रही है. योजना के मुताबिक यहां प्रदेश में पाई जाने वाली प्रमुख जहरीली सर्प प्रजातियों के विष को सुरक्षित तरीके से निकाला जाएगा. इसके साथ ही विष की प्रकृति, उसकी विषाक्तता और अलग-अलग प्रजातियों के जहर में मौजूद जैविक तत्वों का अध्ययन भी किया जाएगा. भविष्य में स्थानीय जरूरत के हिसाब से ज्यादा प्रभावी एंटी-वेनम तैयार करने की दिशा में भी यह सेंटर अहम भूमिका निभा सकता है.

20 अगस्त को गुजरात जाएगा अधिकारियों का दल

सेंटर की स्थापना से पहले वन एवं वन्यजीव विभाग के चार अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम 20 अगस्त को गुजरात के वलसाड स्थित स्नेक वेनम सेंटर का दौरा करेगी. वहां अधिकारी सांपों से विष निकालने, उसे सुरक्षित रखने, वैज्ञानिक परीक्षण, रिसर्च और पूरे संस्थागत ढांचे की जानकारी लेंगे. गुजरात का वलसाड सेंटर भी सरकारी है. इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए लखनऊ के सेंटर के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की तैयारी है.

वन निगम करेगा सेंटर का संचालन

लखनऊ में प्रस्तावित सरकारी स्नेक वेनम सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी वन निगम को दी जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक अलग-अलग इलाकों में मिलने वाले सांपों के जहर में अंतर होता है. ऐसे में स्थानीय प्रजातियों के विष पर रिसर्च से भविष्य में क्षेत्र विशेष के लिए अधिक प्रभावी एंटी-वेनम तैयार करने में मदद मिल सकती है. सेंटर में सर्प विष के जैविक घटकों और उसकी विषाक्तता का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सकेगा. इससे सर्पदंश के इलाज से जुड़े शोध को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

बाराबंकी में अभी निजी केंद्र संचालित

फिलहाल उत्तर प्रदेश में सांपों का विष निकालने के लिए बाराबंकी में निजी क्षेत्र का एक केंद्र संचालित है. अब सरकारी स्तर पर नया सेंटर बनने से प्रदेश में सर्प विष से जुड़ी रिसर्च और एंटी-वेनम की दिशा में काम को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. बिना अनुमति सांप पकड़ना और विष निकालना प्रतिबंधित है.

सांप पकड़ने से लेकर विष निकालने तक होंगे सख्त नियम

प्रस्तावित सेंटर में वन्यजीव संरक्षण कानूनों का पालन भी बेहद महत्वपूर्ण होगा. सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना सांपों को पकड़ना, उन्हें रखना या उनसे विष निकालना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है. इसी वजह से लखनऊ के प्रस्तावित सेंटर में सांपों के संरक्षण, सुरक्षित रखरखाव और विष निकालने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल और वैधानिक अनुमति के तहत ही संचालित की जाएगी. सरकार का लक्ष्य सर्पदंश के इलाज के लिए जरूरी एंटी-वेनम की दिशा में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ सर्प विष पर वैज्ञानिक शोध को भी मजबूत करना है.

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लक्की कुमारी

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