अच्छे बच्चे नहीं थे भगत सिंह, IAS रिंकू राही के बयान पर विवाद, जानिए पूरा मामला
IAS रिंकू राही
उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही द्वारा शहीद भगत सिंह पर की गई कथित टिप्पणी का वीडियो वायरल हो रहा है. इस बयान ने सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी पैदा कर दी है. जानिए इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी.
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की शहीद-ए-आजम भगत सिंह को लेकर की गई कथित टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो के एक हिस्से में रिंकू राही भगत सिंह को लेकर कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह अच्छे बच्चे नहीं थे और आज के समय के हिसाब से वे सबसे बड़े बेवकूफ थे. वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है.
उरई कलक्ट्रेट सभागार का बताया जा रहा वायरल वीडियो
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उरई कलक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसी कार्यक्रम के दौरान आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने संबोधन दिया. उनके संबोधन का एक हिस्सा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में वह शहीद भगत सिंह के बारे में टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं. उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और कई लोग इसे शहीद का अपमान बता रहे हैं.
भगत सिंह अच्छे बच्चे नहीं थे, बयान पर मचा बवाल
वायरल वीडियो में रिंकू राही को यह कहते सुना जा सकता है कि भगत सिंह अच्छे बच्चे नहीं थे. उन्होंने आज के समय के हिसाब से भगत सिंह को सबसे बड़ा बेवकूफ बताया. हालांकि, सामने आए वीडियो के अंश से उनके पूरे संबोधन का संदर्भ स्पष्ट नहीं हो रहा है. इसलिए वायरल क्लिप के आधार पर ही उनकी पूरी टिप्पणी का आशय तय करना उचित नहीं होगा. इसको लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
शहीद भगत सिंह के योगदान पर उठे सवाल
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारियों में शामिल थे. उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया और महज 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए शहादत दी थी. ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व को लेकर सामने आई कथित टिप्पणी ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा छेड़ दी है. कई लोगों ने इसे शहीद भगत सिंह का अपमान बताते हुए नाराजगी जताई है.
तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर कार्रवाई की संस्तुति
इसी बीच आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही का नाम एक अन्य प्रशासनिक मामले को लेकर भी चर्चा में है. उपजिलाधिकारी (न्यायिक) उरई रिंकू सिंह राही ने तहसीलदार शिरीश कुमार मिश्र और नायब तहसीलदार राहुल यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है. यह मामला राजस्व वाद की सुनवाई के दौरान नियमों का पालन नहीं किए जाने से जुड़ा है. एसडीएम न्यायिक ने दोनों अधिकारियों की आख्या को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के नियमों के विपरीत पाया और कार्रवाई के लिए मामला राजस्व परिषद, लखनऊ भेजा है.
राजस्व वाद की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का आरोप
मामला वाद संख्या टी-202606350305945, भगीरथ बनाम अमर सिंह से जुड़ा है. यह वाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 116 के तहत मौजा बड़ेरा, परगना उरई से संबंधित है. वाद 27 अप्रैल 2026 को दाखिल हुआ था. इसके बाद 27 अप्रैल, 2 मई और 22 मई को सुनवाई हुई. बाद में मामला न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया.
आख्या में कुर्रा को लेकर उठे सवाल
तहसीलदार शिरीश कुमार मिश्र और नायब तहसीलदार राहुल यादव ने 5 अगस्त को अपनी-अपनी आख्या प्रस्तुत की थी. एसडीएम न्यायिक के पत्र के अनुसार अधिकारियों ने कुर्रा तैयार करने में संबंधित नियमों का पालन किए जाने की बात कही थी. हालांकि, संबंधित पत्रावली में कुर्रा प्रस्तुत नहीं किया गया था और आख्या में भी इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई. न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की संस्तुति की है. फिलहाल, स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में भगत सिंह को लेकर आईएएस रिंकू राही की कथित टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं, वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ को लेकर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है.
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