बुढ़वा महादेव मंदिर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Feb 2020 3:13 AM (IST)
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रानीगंज : तहसील क्षेत्र बैरिया के कोटवां गांव के पूरब दिशा में स्थित श्री बुढ़वा महादेव का मंदिर बहुत ही चमत्कारिक व कल्याणकारी है, जो हिंदू और मुसलमानों की आस्था का केंद्र भी है. सैकड़ों साल पहले एक अदभुत चमत्कार हुआ. कोटवा गांव निवासी गुड्डू खान के पूर्वज स्व. यार मुहम्मद के घर पर नव […]
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रानीगंज : तहसील क्षेत्र बैरिया के कोटवां गांव के पूरब दिशा में स्थित श्री बुढ़वा महादेव का मंदिर बहुत ही चमत्कारिक व कल्याणकारी है, जो हिंदू और मुसलमानों की आस्था का केंद्र भी है. सैकड़ों साल पहले एक अदभुत चमत्कार हुआ. कोटवा गांव निवासी गुड्डू खान के पूर्वज स्व. यार मुहम्मद के घर पर नव निर्माण का कार्य चल रहा था.
नींव की खुदाई हो रही थी तो जमीन के गर्भ से एक लोढ़े के आकार का पत्थर निकला. उसे स्व यार मुहमद के परिवार के लोगों ने आम पत्थर समझ कर घर में चूड़ी बनाने के कार्य के लिए रख लिया और चुड़ी बनाने लगे. पर होनी को तो कुछ और ही मंजूर था.
भगवान भोलेनाथ गांव के किसी व्यक्ति को स्वप्न में नजर आये और कहा कि मैं तुम्हारे गांव में प्रकट हो चुका हूं. मेरी मंदिर का स्थापना कराओ. मैं सारे गांव का कल्याण करूंगा. इस पर उस व्यक्ति ने सपना समझ कर इस बात को किसी से भी नहीं बताया.
तब भोलेनाथ ने ये सपना एक साथ सारे गांव के निवासियों को एक दिखाया. सुबह होते ही गांव के लोगों ने सपने की बात एक दूसरे से कही. सपना हिंदू- मुसलमान सब ने देखा था. तभी यार मुहम्मद ने कहा कि मेरे घर खुदाई में एक छोटे से आकार का शिवलिंग जैसा ही पत्थर मिला है.
कहीं यही तो वह चमत्कारी शिवलिंग नहीं. गांव के सारे लोग यार मुहम्मद के दरवाजे पर जुटे और बड़े ही धूमधाम के साथ डोली में शिवलिंग को रख कर एक कंधे पर हिंदू तो दूसरे कंधे पर मुसलमान ने उठाकर निश्चित स्थान पर ले गये. गांव के लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग को स्थापित किया और मंदिर का निर्माण कराया.
हमारा परिवार हिंदू और मुसलमान दोनों धर्मों में कोई भेद नहीं करता. हमारे घर पर ईद और होली दोनों पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. मैंने पांच ज्योतिर्लिंग का दर्शन पूजन किया है. इस मंदिर से हमारा आत्मिक लगाव है जो पूर्वजों द्वारा विरासत में मिला है.गुड्डू खान
चूड़ेश्वर महादेव का मंदिर कल्याणकारी हैं और यहां पर मनोवांक्षित फल भगवान भोलेनाथ द्वारा मिलता है. मंदिर पर मांगी गयी मुराद हर हाल में पूरी होती है. भोलेनाथ की कृपा से हमारे गांव में गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिलती है. किसी तरह का कोई भेद भाव नहीं रहता. रौशन गुप्ता
यह मंदिर पाक और पवित्र है. यहां पर कोई भी कार्यक्रम होता है तो हमारे घर के बच्चे उसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. हमलोग खुशनसीब है जो ऐसे मुल्क में पैदा हुए जहां सबको एक समान माना जाता हैं. महादेव के प्रांगण में कोई भी कार्यक्रम हो बड़े ही धूम धाम से होता है.मुहम्मद शहाबुद्दीन
यह मंदिर सैकड़ों वर्षों से हिंदू- मुसलमान को आपस में प्रेम से रहने का संदेश देता हैं. भोलेनाथ से प्रार्थना है कि हमारे गांव में हमेशा खुशहाली रखें. मैं भोलेनाथ की कृपा से लगभग 20 सालों से रोजा-अफ्तार करता हूं, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू मुसलमान भाई साथ रोजा खोलते हैं.
विनोद सिंह
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