नशीली चाय पिलाई, फिर जहर का इंजेक्शन लगाया... जिंदा दफना दिया, जानिए बागपत डबल मर्डर की पूरी कहानी

Updated:
विज्ञापन

नशीली चाय से जिंदा दफनाने तक... बागपत के दोहरे हत्याकांड का खौफनाक राज

UP Crime News: बागपत में श्रीगणेश मंदिर में दो दोस्तों की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है. नशीली चाय पिलाकर, जहर के इंजेक्शन लगाकर जिंदा दफना देने की खौफनाक सच्चाई सामने आई है. पुलिस ने आरोपी उज्ज्वल से पूछताछ के बाद इस भयावह साजिश का खुलासा किया है.

विज्ञापन

UP Crime News : उत्तर प्रदेश के बागपत में दोहरे हत्याकांड की जांच में खौफनाक साजिश सामने आई है. लहचौड़ा गांव के श्रीगणेश मंदिर परिसर में 25 जुलाई को अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार की हत्या कर दी गई. पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी उज्ज्वल ने वारदात की पूरी कहानी बताई है.पुलिस के अनुसार, दोनों को पहले नशीली चाय पिलाई गई. बेहोश होने के बाद जहर के इंजेक्शन लगाए गए. इसके बाद मंदिर परिसर में ही गड्ढा खोदकर दोनों को दफना दिया गया. उज्ज्वल ने पुलिस को बताया कि जब दोनों को गड्ढे में डाला गया, तब उनकी सांस चल रही थी. वारदात के दौरान एक नाबालिग बाहर पहरेदारी कर रहा था.

पहले से तैयार थी हत्या की योजना

एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, अंकित और साधु नरेशनाथ के बीच पहले से विवाद था. उज्ज्वल ने पूछताछ में बताया कि अंकित अपनी बहन के साधु के पास जाने का विरोध करता था. इसे लेकर घर में अक्सर विवाद होता था और इसकी जानकारी नरेशनाथ को मिल जाती थी.अंकित और इसरार सट्टे के नंबर लेने के लिए भी साधु के पास आते थे. अंकित दो-तीन हजार रुपये का सट्टा लगाता था, जबकि नरेशनाथ उससे लाखों रुपये का सट्टा लगाने की बात कहता था. इसको लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था.लगातार हो रहे विवाद के बाद नरेशनाथ ने अंकित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. पुलिस के मुताबिक, उसने पहले ही नशीली दवा और जहर के इंजेक्शन की व्यवस्था कर ली थी.

25 जुलाई को फोन कर अंकित को मंदिर बुलाया

25 जुलाई को नरेशनाथ ने फोन कर अंकित को मंदिर बुलाया. अंकित दिव्यांग था और मदद के लिए अपने दोस्त इसरार को साथ रखता था. इसलिए वह इसरार को भी साथ लेकर मंदिर पहुंचा.उस समय सिंगौली तगा गांव का एक व्यक्ति भी मंदिर में बैठा था. उसके जाने के बाद नरेशनाथ के कहने पर उज्ज्वल चाय बनाने गया.नरेशनाथ ने चाय में नशे की 15 गोलियां मिला दीं. दोनों को चाय पिलाई गई. कुछ ही देर में अंकित और इसरार बेहोश हो गए. पुलिस को मंदिर परिसर से नशीली गोलियों का पत्ता भी मिला है.

नहर में फेंकने का था प्लान, फिर बदला फैसला

पुलिस के मुताबिक, दोनों के बेहोश होते ही नरेशनाथ ने कार में रखे जहर के इंजेक्शन लगाए. शुरुआत में दोनों को नहर में फेंकने की योजना थी. लेकिन रास्ते में किसी के देख लेने के डर से योजना बदल दी गई.इसके बाद दोनों को मंदिर परिसर में ही दफनाने का फैसला किया गया. सफाई करने के बहाने लहचौड़ा गांव के एक व्यक्ति से फावड़ा मंगवाया गया.मंदिर का गेट बंद कर दिया गया और उसके सामने नरेशनाथ ने अपनी कार खड़ी कर दी. बाहर से किसी के आने पर नजर रखने के लिए एक नाबालिग को भी वहां खड़ा किया गया.

एक घंटे में खोदा 10 फीट लंबा गड्ढा

नरेशनाथ, उज्ज्वल और कृष्ण यादव ने बारी-बारी से गड्ढा खोदना शुरू किया. करीब एक घंटे की मेहनत के बाद चार फीट गहरा, 10 फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा गड्ढा तैयार हुआ.उज्ज्वल के मुताबिक, अंकित और इसरार को जब गड्ढे में डाला गया, तब तक दोनों की सांस चल रही थी. इसके बाद उन्हें मिट्टी से ढक दिया गया.खुलासे के बाद पुलिस ने श्रीगणेश मंदिर परिसर को सीज कर दिया. वहां जहर के इंजेक्शन की खाली सिरिंज और नशीली गोलियों की तलाश की गई. नरेशनाथ के कमरे से नशीली गोलियों का पत्ता मिला, जिसमें 15 गोलियां बची हुई थीं. पुलिस ने मंदिर के डस्टबिन और दीवार के पीछे पड़े कूड़े के ढेर को भी खंगाला.

शादी का झांसा देकर उज्ज्वल को बनाया साजिश का हिस्सा

उज्ज्वल पूरनपुर नवादा गांव का रहने वाला है. वह अपने पिता मनोज का इकलौता बेटा है. उसकी दो बहनें हैं और वह मोहननगर की एक कंपनी में काम करता था.उज्ज्वल शादी नहीं होने को लेकर परेशान रहता था. करीब एक महीने पहले गांव का एक व्यक्ति उसे शादी कराने का झांसा देकर नरेशनाथ के पास ले गया था. साधु ने उसकी शादी कराने की जिम्मेदारी लेने की बात कही.पहले उससे एक लाख रुपये मांगे गए. उज्ज्वल ने रुपये देने के लिए हामी भर दी. बाद में साधु ने रुपये लेने के बजाय एक काम करने की बात कही. पुलिस के अनुसार, अंकित को रास्ते से हटाने के बदले उज्ज्वल की शादी कराने का भरोसा दिया गया था. इसी झांसे में वह साजिश में शामिल हो गया.

मोबाइल लेकर घूमता रहा साधु, पुलिस को करता रहा गुमराह

अंकित और इसरार के लापता होने के बाद नरेशनाथ ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उसने अपना मोबाइल मंदिर में छोड़ दिया और दोनों के मोबाइल लेकर अलग-अलग इलाकों में घूमता रहा.पुलिस के मुताबिक, वह कभी खेकड़ा, कभी रटौल और कभी बड़ागांव जाता था. कुछ देर मोबाइल ऑन करता और फिर बंद कर देता था. इससे पुलिस को लगा कि अंकित और इसरार खुद अलग-अलग जगह घूम रहे हैं.इसी वजह से पुलिस की जांच कई दिनों तक उलझी रही.

ATM से रुपये निकलने पर भी पुलिस हुई परेशान

अंकित का ATM घर में रखा था. उसके लापता होने के बाद उसकी बहन ने उसी ATM से तीन बार रुपये निकाले. बैंक खाते की डिटेल देखकर पुलिस को लगा कि शायद अंकित खुद रुपये निकाल रहा है.इसके बाद ATM की CCTV फुटेज निकलवाई गई. इसमें उसकी बहन रुपये निकालती हुई दिखाई दी. इसके बाद पुलिस ने जांच की दूसरी दिशा पर काम शुरू किया.

पत्नी के मोबाइल पर आए फोन से पकड़ा गया उज्ज्वल

एसपी के अनुसार, नरेशनाथ को डर था कि पुलिस की सख्ती में वह पूरी घटना उगल सकता है. इसी वजह से वह 8 अगस्त को कार लेकर फरार हो गया.लहचौड़ा गांव में उसकी पत्नी एक मकान में रहती थी. पुलिस ने उसके मोबाइल को सर्विलांस पर लगा रखा था. बुधवार शाम उसके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया.पुलिस ने नंबर को ट्रेस किया और उज्ज्वल तक पहुंच गई. उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने पूरी वारदात का खुलासा कर दिया.

पांच-छह साल से पक्के दोस्त थे अंकित और इसरार

अंकित और इसरार पिछले पांच-छह साल से पक्के दोस्त थे. दोनों अक्सर साथ रहते थे. पिछले कुछ दिनों से इसरार अंकित के घर में दीवारों पर पुट्टी और पुताई का काम कर रहा था.25 जुलाई को अंकित के साथ जाने के लिए इसरार बाइक लेकर घर से निकला था. उसकी पत्नी से पूछताछ में उसने बताया था कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगा.इसरार के परिवार में एक बेटी और दो बेटे हैं. परिवार को नहीं पता था कि उस दिन अंकित के साथ निकला इसरार फिर कभी घर वापस नहीं लौटेगा.

श्मशान घाट में मुर्गे की बलि देने का भी आरोप

ग्रामीण सुरेंद्र कुमार ने साधु नरेशनाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि गांव के लोगों ने उसे रात में श्मशान घाट में मुर्गे की बलि देते हुए देखा था.ग्रामीणों के मुताबिक, मंदिर परिसर में जगह-जगह तंत्र क्रिया के निशान भी बने हुए थे. इन गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में साधु के प्रति पहले से नाराजगी थी.पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और फरार साधु नरेशनाथ की तलाश में जुटी है.

Must Read: उम्र का अंतर कम होने पर भी महिला कर्मचारी को मिलेगा मातृत्व अवकाश,लखनऊ हाई कोर्ट का फैसला


विज्ञापन
खुशी सिंह

लेखक के बारे में

By खुशी सिंह

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola