Ayodhya : दक्षिण कोरिया से अयोध्या का है सदियों पुराना रिश्ता

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 14 Mar 2025 8:44 AM

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दक्षिण कोरिया का 78 सदस्यीय शिष्टमंडल अयोध्या में

Ayodhya : दक्षिण कोरिया से अयोध्या 78 सदस्यीय शिष्टमंडल पहुंचा. अयोध्या और दक्षिण कोरिया के बीच सदियों पुराना रिश्ता फिर से मजबूत हुआ.

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Ayodhya : अयोध्या और दक्षिण कोरिया के बीच सदियों पुराना रिश्ता एक बार फिर जीवंत हो उठा. गुरुवार को दक्षिण कोरिया के गारक राजवंश के प्रतिनिधियों सहित 78 सदस्यीय शिष्टमंडल अयोध्या की पावन धरती पर पहुंचा. इस खास मौके पर मेहमानों ने सबसे पहले नया घाट स्थित रानी हो मेमोरियल पार्क में अपनी सांस्कृतिक जड़ों को याद किया और यहां ढाई साल पहले निर्मित स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए. इसके बाद, शिष्टमंडल ने भव्य राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया और सरयू नदी के तट पर आरती के अलौकिक दृश्य के साक्षी बने.

अयोध्या की नई चमक और व्यवस्था से अभिभूत इस दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर प्रशंसा की. शाम ढलते ही लेजर शो की रंगीन छटा ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया. रात में पारंपरिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देखने को मिली, जहां आठ कलाकारों ने अपनी कला से सबका मन मोह लिया. शिष्टमंडल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य यतीन्द्र मिश्र से मुलाकात की और उनके साथ रात्रिभोज का आनंद लिया.

होली के रंगों में रंगेंगे मेहमान

शुक्रवार को यह शिष्टमंडल प्राकृतिक रंगों से होली खेलेगा, जो भारत और दक्षिण कोरिया की संस्कृतियों के मिलन का एक अनूठा प्रतीक बनेगा. दोपहर बाद यह दल अयोध्या से विदा लेगा, लेकिन अपने साथ दोनों देशों के बीच दोस्ती की नई यादें ले जाएगा.

सांस्कृतिक सेतु का बना प्रतीक

अयोध्या और दक्षिण कोरिया का रिश्ता इतिहास की गहराइयों में समाया है. डॉ. आशीष के अनुसार, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव लंबे समय से रहा है. यह दौरा न केवल उस बंधन को मजबूत करेगा, बल्कि दो महान संस्कृतियों के संगम का साक्षी भी बनेगा. दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल की अयोध्या की यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि प्यार, परंपरा और इतिहास की डोर से बंधे रिश्ते समय की हर सीमा को पार कर सकते हैं.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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