अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर शंकराचार्य ने उठाए सवाल, चढ़ावा चोरी का पोस्टर लगाने पर 3 गिरफ्तार

राम मंदिर मामला: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान, गोरखपुर में पोस्टर विवाद
Ayodhya Ram Mandir: चढ़ावा चोरी मामले में नए खुलासे हुए हैं. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर ट्रस्ट और जांच पर सवाल उठाए हैं, जबकि गोरखपुर में पोस्टर लगाने के आरोप में सपा नेता सहित तीन गिरफ्तार हुए हैं. सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई होनी है.
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रविवार को कई अहम घटनाक्रम सामने आए. एक ओर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर ट्रस्ट और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया, वहीं गोरखपुर में चढ़ावा चोरी को लेकर पोस्टर लगाने के आरोप में समाजवादी पार्टी के नेता समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इस बीच मुख्य आरोपियों की रिमांड की तैयारी चल रही है और मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है.
शंकराचार्य बोले- राम मंदिर BJP-RSS का कार्यालय
गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने' के लिए निकाली जा रही 81 दिवसीय यात्रा के दौरान रायबरेली पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, राम मंदिर अभी राम मंदिर नहीं, बल्कि BJP और RSS का कार्यालय है. जब यह वास्तव में राम मंदिर बन जाएगा, तभी दर्शन करने जाऊंगा. उन्होंने ट्रस्ट और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. शंकराचार्य का कहना था कि ट्रस्ट का गठन सरकार ने किया है और जांच के लिए एसआईटी भी सरकार ने बनाई है. ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है.
मुख्य आरोपियों की रिमांड की तैयारी
मामले में गिरफ्तार रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव को सोमवार को फैजाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस दोनों आरोपियों की सात दिन की रिमांड मांग सकती है. जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि मंदिर के सभी 54 दानपात्रों की एक चाबी आरोपी टिन्नू यादव के पास रहती थी. पुलिस रिमांड के दौरान चोरी के पूरे नेटवर्क और धन के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की गहन पूछताछ करेगी.
पोस्टर लगाने पर सपा नेता समेत तीन गिरफ्तार
गोरखपुर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विवादित पोस्टर लगाने के आरोप में समाजवादी पार्टी के नेता अरविंद शुक्ला समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात शहर के अलग-अलग इलाकों में पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें चढ़ावा चोरी को लेकर विवादित संदेश लिखे गए थे. मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट है और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने विपक्ष पर भी इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया. वहीं महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ी तीन याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. याचिकाओं में मामले की जांच CBI को सौंपने, एसआईटी की जांच की निगरानी कराने और मंदिर में दान प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है.
SIT जांच में कई पहलुओं की पड़ताल
एसआईटी दान की गिनती, बैंक में राशि जमा करने की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ट्रस्ट सदस्य रहे डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका की भी जांच की जा रही है. एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक सौंप सकती है. इसके बाद 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है.
CEO भर्ती और 100 पुजारियों की नियुक्ति पर भी फैसला संभव
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक अभ्यर्थी 18 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवार के लिए स्नातक होने के साथ प्रशासन या वित्तीय प्रबंधन में कम से कम 20 वर्ष का अनुभव और हिंदू धर्म का अनुयायी होना अनिवार्य है. इसके अलावा मंदिर परिसर में नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 100 पुजारियों की भर्ती का लंबित प्रस्ताव भी 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक में रखा जाएगा.
दान के आंकड़े भी आए सामने
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, अब तक निधि समर्पण अभियान और अन्य माध्यमों से 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. इनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और अन्य कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं. वहीं श्रद्धालुओं के चढ़ावे के रूप में मिले 582 करोड़ रुपये में से 391 करोड़ रुपये विभिन्न कार्यों में उपयोग किए गए हैं, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है. ट्रस्ट का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी. इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा.
Input: खुशबू कुमारी
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By राधेश्याम कुशवाहा
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