अयोध्या में जल्द शुरू होगा मस्जिद निर्माण, आर्थिक सहयोग नहीं मिलने पर 300 करोड़ की योजना सिमटकर 5 करोड़ पर पहुंची

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अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद का भव्य और आकर्षक दृश्य

अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद का भव्य और आकर्षक दृश्य

UP News: अयोध्या के धन्नीपुर में मस्जिद निर्माण की योजना को नया रूप दिया गया है. 300 करोड़ की बड़ी परियोजना को घटाकर अब 5 करोड़ रुपये में पूरा करने का फैसला किया गया है. जानें क्यों और कैसे बदल गई योजना.

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UP News: अयोध्या के धन्नीपुर में मुस्लिम समुदाय को आवंटित पांच एकड़ भूमि पर मस्जिद निर्माण की योजना एक बार फिर रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है. इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) ने पहले प्रस्तावित करीब 300 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना में बड़ा बदलाव करते हुए अब लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से मस्जिद निर्माण शुरू करने का फैसला किया है. फाउंडेशन का कहना है कि संशोधित नक्शा अगले 20 दिनों के भीतर स्वीकृति के लिए जमा कर दिया जाएगा.

'मोहम्मद बिन अब्दुल्ला' होगा मस्जिद का नाम

इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुफर अहमद फारुकी के अनुसार, नई मस्जिद का नाम 'मोहम्मद बिन अब्दुल्ला' रखा जाएगा. मस्जिद लगभग 15 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित होगी, जबकि इसका आच्छादित क्षेत्र करीब 3500 वर्ग फीट रहेगा. नक्शे में आवश्यक बदलाव के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है.

300 करोड़ की परियोजना क्यों हुई छोटी?

शुरुआती योजना में केवल मस्जिद ही नहीं, बल्कि अस्पताल, संग्रहालय, सामुदायिक रसोई, पुस्तकालय और अन्य सामाजिक सुविधाओं से युक्त एक बड़ा परिसर विकसित करने की योजना थी. इसकी अनुमानित लागत करीब 300 करोड़ रुपये आंकी गई थी. हालांकि, अपेक्षित आर्थिक सहयोग नहीं मिलने और कई अन्य व्यावहारिक चुनौतियों के चलते फाउंडेशन ने फिलहाल केवल मस्जिद निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है.

आर्थिक सहयोग नहीं मिला, इसलिए बदली योजना

फाउंडेशन के मुताबिक, परियोजना को शुरू से ही कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा. मुस्लिम समाज के एक वर्ग ने पारंपरिक गुंबद वाली मस्जिद की मांग की, जबकि मुंबई समेत अन्य शहरों के उद्योगपतियों और संभावित दानदाताओं से अपेक्षित आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी. इन कारणों से निर्माण कार्य लगातार टलता रहा और अंततः परियोजना का स्वरूप बदलना पड़ा.

ट्रस्ट के पास अभी डेढ़ करोड़ रुपये, बाकी राशि जनसहयोग से जुटेगी

फाउंडेशन ने बताया कि फिलहाल ट्रस्ट के पास करीब 1.5 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं. इसी राशि से नक्शा स्वीकृत कराने और शुरुआती निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. शेष लगभग 3.5 करोड़ रुपये लखनऊ, अयोध्या और आसपास के जिलों के लोगों के सहयोग से जुटाने की योजना है. इसके लिए जल्द ही जनसहयोग अभियान भी शुरू किया जाएगा.

औपचारिकताएं पूरी होते ही शुरू होगा निर्माण

ट्रस्ट का कहना है कि सभी आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही मस्जिद निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल मस्जिद के लिए आवंटित धन्नीपुर की जमीन का उपयोग स्थानीय बच्चे क्रिकेट खेलने के लिए करते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले इस परिसर में 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते थे, लेकिन अब वे कार्यक्रम बंद हो चुके हैं. 300 करोड़ की योजना सिमटकर 5 करोड़ पर आ गयी है.

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रवि रंजन कुमार

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By रवि रंजन कुमार

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