ePaper

UP News: प्रयागराज अनाथालय में लापरवाही के चलते 4 नवजातों की हुई मौत,प्रशासन में मचा हड़कंप, जांच के दिए आदेश

Updated at : 25 Apr 2025 4:22 PM (IST)
विज्ञापन
UP News: प्रयागराज अनाथालय में लापरवाही के चलते 4 नवजातों की हुई मौत,प्रशासन में मचा हड़कंप, जांच के दिए आदेश

प्रयागराज में शिशुओं की मौत पर लगातार लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इनकी मौत कैसे हो गई. जबकि शिशुओं की रूटीन जांच भी समय समय पर होती है. बाल गृह बालिका में नवजात से लेकर 10 वर्ष तक की लगभग 63 बच्चियां हैं. जिसमें 27 नवंबर को पांच माह की एक और बच्ची की मौत हो गई.इसके बाद 17 और फिर 23 दिसंबर की दो और बच्चियों की मौत हो गई.

विज्ञापन

कूड़ेदान में फेंकी गई एक बच्ची का अनाथालय में देखभाल तक नहीं हो पाया, जिससे वह काफी बीमार हो गई और लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गई. सबसे बड़ी चौंका देने वाली बात यह रही कि तीन अन्य बच्चियां, जो मंदिर तथा खेत में मिली थीं, उनके साथ भी अनाथालय में लापरवाही बरती गई, जिससे वे बीमार हो गईं और उनकी भी मौत हो गई. इन मामलों पर जब संज्ञान लिया गया तो मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी गई है. इसकी जांच सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह को सौंपी गई है.
यह बच्चियां विभिन्न जिलों में अलग-अलग महीनों में लावारिस हालत में मिली थीं, जिन्हें स्थानीय पुलिस प्रशाशन द्वारा राजकीय बाल गृह (शिशु) खुल्दाबाद में रखा गया था. बताते हैं कि बाल गृह में इन बच्चियों की उचित देखभाल नहीं हो सकीं, लापरवाही के कारण ये गंभीर रूप से बीमार हो गईं थी. इसके बाद बच्चियों को अलग-अलग तारीखों पर चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था. वहां भी बाल गृह की ओर से उचित देखभाल नहीं की जा सकी जिस कारण से उनकी मौत हो गई. राजकीय बाल गृह में इस तरह से ढीलाढाली लापरवाही रवैया के चलते अक्सर नवजात शिशुओं की मौत हो जाती है. जबकि बाल गृह में अच्छा-खासा स्टाफ तैनात किया जाता है, जिन पर लाखों रुपये हर माह खर्च किए जाते है.

नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह ने बताया कि….

  नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह ने बताया है कि राजकीय बाल गृह (शिशु), प्रयागराज में आवासित नवजात बालिकायें वन्दना, सरस्वती, दीपिका व गौरी की चिकित्सालय में हुयी मृत्यु के प्रकरण में जिलाधिकारी महोदय के द्वारा मुझे मजिस्ट्रियल जांच हेतु नामित किया गया है, जिसके अनुपालन में कथन/साक्ष्य/प्रस्तुत करने हेतु दिनांक 11.02.2025 नियत की गयी थी, परंतु कोई कथन/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है. इस कारण पुनः कथन/साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु अंतिम अवसर दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण के सम्बंध में यदि किसी व्यक्ति को कोई कथन एवं साक्ष्य प्रस्तुत करना हो, तो वह मेरे कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय/न्यायालय में दिनांक 08 मई, 2025 तक कार्यालय अवधि में प्रातः 10ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक अपना कथन एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है.

विज्ञापन
Abhishek Singh

लेखक के बारे में

By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola