सपा नेता डॉ शफीकुर्रहमान बर्क हैं 17वीं लोकसभा के सबसे बुजुर्ग सांसद, जानें अब क्या जताई है ख्वाहिश?

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 08 Oct 2022 11:43 AM

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संभल के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान ने भी मुलायम सिंह के साथ सियासत शुरू की थी. सियासत को इबादत कहने वाले डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने 1967 में चुनाव लड़ा. मगर, यह चुनाव मुलायम सिंह यादव जीत गए, लेकिन शफीकुर्रहमान बर्क चुनाव हार गए थे. सांसद बर्क का जन्म 11 जुलाई 1930 को हुआ था.

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Bareilly News: समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री एवं रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव की हालत गंभीर है. उनका सप्ताह भर से गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है. इसके बाद से मुलायम सिंह यादव के साथ ही नेताओं की उम्र को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं. मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को इटावा के सैफई में हुआ था. उनसे 09 वर्ष उम्र में बढ़े संभल के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान ने भी मुलायम सिंह के साथ सियासत शुरू की थी. सियासत को इबादत कहने वाले डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने 1967 में पहला चुनाव लड़ा. मगर, यह चुनाव मुलायम सिंह यादव जीत गए, लेकिन शफीकुर्रहमान बर्क चुनाव हार गए थे. सांसद बर्क का जन्म 11 जुलाई 1930 को हुआ था. वह 92 वर्ष के हैं. इसके साथ ही 17वीं लोकसभा में सबसे बुजुर्ग सांसद हैं.

17 चुनाव लड़े लेकिन जीते 10

डाॅ शफीकुर्रहमान बर्क ने अपने जीवन में 10 विधान सभा चुनाव लड़े. इसमें चार बार विधायक बने.एक बार यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बने थे. इसके बाद 1998, 1999, 2004,2009 में चुनाव जीतकर सांसद बने थे. मगर, 2014 में करीब 5 हजार वोट से हार गए थे. हालांकि, 2019 में संभल लोकसभा सीट से 88 वर्ष की उम्र में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुने गए. उन्होंने बीजेपी के परमेश्वर लाल सैनी को 1,74,826 वोटों से हराया. डॉ शफिकुर रहमान बर्क ने विधानसभा चुनाव 2022 में अपने पोते को विधायक बनवाया है. मगर, उनका इरादा सियासत से सन्यास का नहीं है. वह एक बार फिर सांसद बनने के ख्वाहिशमंद हैं. उनके लोगों की भी कोशिश है कि उनकी ख्वाहिश को पूरा कराएं. इसके साथ ही उनकी लम्बी उम्र को भी लोग दुआएं करते हैं.

52 वर्ष का सियासी तजुर्बा

अपने 52 वर्ष से अधिक के सियासी सफर में डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं. भाजपा जहां बुजुर्गों को टिकट न देकर सियासत से सेवानिवृत्ति देने की नीति पर आगे बढ़कर पूर्ण बहुमत तक पहुंची. वहीं भाजपाई नीति के विपरीत डॉ बर्क सबसे अधिक आयु में भी संसद पहुंचने में कामयाब रहे. उन्होंने सबसे पहला चुनाव 1974 में जीता था. 17 वीं लोकसभा में चंद्राणी मुर्मू सबसे कम उम्र की सांसद हैं. उनकी उम्र सिर्फ 25 साल है, जो कि चुनाव लड़ने के लिए कम से कम उम्र है. मुर्मू ओडिशा की क्योंझर लोकसभा सीट से बीजू जनता दल के टिकट पर चुनी गई हैं. वो बीजेपी की अनंता नायक को 66,203 वोटों से हरा कर संसद पहुंची हैं.

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रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद

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