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Kanpur Metro News: कानपुर वालों को जल्द मिलेगा जाम से छुटकारा, नौबस्ता से बर्रा तक चलेगी मेट्रो

कानपुर में अब सीएसए से बर्रा तक प्रस्तावित दूसरे मेट्रो रूट को नौबस्ता तक बढ़ाने का काम किया जाएगा. ऐसे में पहला और दूसरा रूट (आईआईटी से नौबस्ता) तक है. उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति की बैठक में यह प्रस्ताव भूमि अध्याप्ति समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने रखा.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Kanpur
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Kanpur Metro News
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Kanpur News: कानपुर में मेट्रो के विस्तार का सिलसिला लगातार जारी है. शहर में अब सीएसए से बर्रा तक प्रस्तावित दूसरे मेट्रो रूट को नौबस्ता तक बढ़ाने का काम किया जाएगा. ऐसे में पहला और दूसरा रूट (आईआईटी से नौबस्ता) तक है. कानपुर में उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति की बैठक हुई, बैठक में यह प्रस्ताव भूमि अध्याप्ति समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने रखा.

नौबस्ता से बर्रा की दूरी करीब पांच किमी

यूपी मेट्रो के मुख्य परियोजना अधिकारी अरविंद कुमार ने प्रस्ताव को उपयुक्त बताया है. नौबस्ता से बर्रा की दूरी करीब पांच किमी है. इस निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रमुख सचिव को भेजा जाएगा. कानपुर मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने कानपुर मेट्रो के परियोजना निदेशक को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं. इस निर्माण के बाद जनता को शहर के बीचों बीच घण्टों लग जाने वाले जाम से निजात मिलेगी. साथ ही समय की भी बचत होगी.

समय से पहले हुआ पहले  कॉरिडोर का निर्माण कार्य

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-I (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत चुन्नीगंज से नयागंज के बीच भूमिगत सेक्शन-I का निर्माण हो रहा है. 11 अक्टूबर, 2021 को नवीन मार्केट मेट्रो स्टेशन से ही भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्यों का शुभारंभ हुआ था. बताते चले कि आईआईटी से मोतीझील के बीच 9 किमी. लंबे प्राथमिक सेक्शन का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा से पूर्व पूरा कर लिया गया था. वहीं अब कानपुर मेट्रो का अगला लक्ष्य आईआईटी से नौबस्ता तक लगभग 23 किमी. लंबे कॉरिडोर को तय समय से पूरा करना है.

कानपुर मेट्रो के भूमिगत सेक्शन-I के स्टेशन टॉप-डाउन प्रणाली से तैयार हों रहे हैं यानी निर्माण कार्य ऊपर से नीचे की ओर होंगे. रूफ स्लैब तैयार होने के बाद, कॉनकोर्स लेवल और फिर प्लैटफ़ॉर्म लेवल का निर्माण होगा. निर्माणाधीन स्टेशन पर चल रहे काम से ट्रैफ़िक कम से कम प्रभावित हो, इसके लिए यह प्रणाली अपनाई जा रही है, क्योंकि रोड लेवल से शुरू करते हुए पहले तल का निर्माण होने के बाद, सड़क पर लगी बैरिकेडिंग को कम कर दिया जाएगा.

रिपोर्ट- आयुष तिवारी

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