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श्रीराम के पावन चरित्र को जनता तक पहुंचाने का श्रेय त्रेता युग में महर्षि वाल्मीकि को: सीएम योगी

Updated at : 09 Oct 2022 6:14 PM (IST)
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श्रीराम के पावन चरित्र को जनता तक पहुंचाने का श्रेय त्रेता युग में महर्षि वाल्मीकि को: सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती के मौके पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि की पावन साधना स्थली और तुलसीदास की जन्मभूमि का सुंदरीकरण करके, उसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है.

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Lucknow: सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महर्षि वाल्मीकि आश्रम परिवर्तन चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जन्मोत्सव समारोह में उन्होंने रामचरितमानस की चौपाइयों को भी सुना. आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री का महर्षि वाल्मीकि का चित्र एवं पुष्प देकर स्वागत किया गया.

महाकाव्य रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की

सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि की पावन जयंती के मौके पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस धराधाम पर चंद्रमा जैसी शीतलता प्रदान कर हम सभी को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की भक्ति के साथ सराबोर करने वाले त्रिकालदर्शी महर्षि वाल्मीकी की आज पावन जयंती है. भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित महाकाव्य रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी.

महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम के पावन चरित्र से दुनिया को अवगत कराया

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की कोई ऐसी भाषा नहीं है, जिसने वाल्मीकिकृत रामायण को आधार न बनाया हो. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पावन चरित्र को जनता तक पहुंचाने का श्रेय अगर किसी को जाता है तो वह त्रेता युग में महर्षि वाल्मीकि को और कलियुग में संत तुलसीदास को है. महर्षि वाल्मीकि ने अपनी अमर रचना के माध्यम से देश और दुनिया का भगवान श्रीराम के पावन चरित्र से साक्षात्कार कराकर प्रत्येक नागरिक के मन में सकारात्मक ऊर्जा के भाव का संचार करने का कार्य किया है.

चित्रकूट के लालापुर में महर्षि वाल्मीकि की जयंती

सौभाग्य है कि आज हम सभी एक साथ मिलकर इस त्रिकालदर्शी ऋषि के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त कर रहे हैं. आज अयोध्या में भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान सर्वाधिक समय चित्रकूट में व्यतीत किया था. चित्रकूट के लालापुर में महर्षि वाल्मीकि की पावन साधना स्थली और राजापुर में तुलसीदास की पावन जन्मभूमि स्थित है.

वाल्मीकि समाज के हित के लिये आयोग का गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें वाल्मीकि जन्मोत्सव समिति से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा वाल्मीकि समुदाय से जुड़ी समस्याओं का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है. प्रदेश सरकार ने वाल्मीकि समाज के हितों के लिए एक आयोग गठित किया गया है. इस आयोग का चेयरमैन वाल्मीकि समुदाय के एक व्यक्ति को बनाते हुए आयोग से कहा गया कि आयोग अपनी रिपोर्ट समय-समय पर सरकार को उपलब्ध कराता रहेगा, तो उस पर कार्यवाही भी होती रहेगी. इस मौके पर अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जनपद लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, विधायक आशुतोष टण्डन, नीरज बोरा, योगेश शुक्ला आदि मौजूद थे.

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