UP News : बाहुबली धनंजय सिंह को जौनपुर से भेजा गया बरेली सेंट्रल जेल

Edited by Amitabh Kumar
Updated:
विज्ञापन

Former MP Dhananjay Singh/ file photo

UP News : पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह को जौनपुर से बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया है. लोकसभा चुनाव के दौरान सरकारी आदेश के बाद ऐसा किया गया. जानें किस आरोप में जेल में बंद हैं धनंजय सिंह

विज्ञापन

UP News : पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह जौनपुर जिला कारागार से उन्हें बरेली जेल शिफ्ट कर दिया गया. पुलिस की मानें तो सरकारी आदेश पर उन्हें शिफ्ट किया गया है. उल्लेखनीय है कि धनंजय बीती 6 मार्च से जौनपुर के जिला कारागार में बंद थे. उनको अपहरण और रंगदारी के मामले में सजा सुनाई गई थी. आज सुबह उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एम्बुलेंस से बरेली जेल शिफ्ट किया गया.

मार्च में जौनपुर की एक एमपी/एमएलए (सांसद/विधायक) कोर्ट ने धनंजय सिंह को 2020 के अपहरण और जबरन वसूली के एक मामले में सात साल की सजा सुनाई थी. लोकसभा चुनाव देश में चल रहा है और बसपा ने धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह को जौनपुर से मैदान में उतारा है.

लोकसभा चुनाव लड़ने से हो गये वंचित

जौनपुर की विशेष सांसद-विधायक कोर्ट ने अपहरण और रंगदारी मांगने के मामले में छह मार्च को बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके एक सहयोगी को सात-सात साल की कैद के साथ-साथ जुर्माने की सजा सुनायी. इस सजा के बाद धनंजय के लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना पक्का हो गया. 10 मई 2020 को नमामि गंगे के परियोजना प्रबंधक के अपहरण, रंगदारी मांगने, षड्यंत्र रचने तथा अपशब्द कहने और धमकी देने के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था.

Read Also : Dhananjay Singh: पूर्व सांसद धनंजय सिंह को इंजीनियर अपहरण मामले में 7 साल की सजा, नहीं लड़ पाएंगे लोकसभा चुनाव

चुनाव लड़ने की तैयारी में थे धनंजय सिंह

सजा का ऐलान जैसे ही हुआ, कोर्ट परिसर में जमा हुए धनंजय सिंह के तमाम समर्थक मायूस हो गए. धनंजय सिंह की बात करें तो उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी. वह पहले एनडीए के घटक दल जनता दल-यूनाइटेड के टिकट पर जौनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन बीजेपी ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहराज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया. इसके बाद धनंजय निराश होकर समाजवादी पार्टी से टिकट पाने का प्रयास करते नजर आए. कोर्ट से सजा मिलने के बाद उनके सारे प्रयास विफल हो गये.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola