Video: उत्तराखंड में गुरुद्वारा पर निहंगों का कब्जा! हाथ में भाला और तलवार, सेना के जवान पहुंचे
रुद्रप्रयाग गुरुद्वारा विवाद (Photo: PTI)
Video : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों और प्रशासन के बीच जारी विवाद अभी भी खत्म नहीं हुआ है. गुरुद्वारे की छत पर डटे निहंगों और प्रशासन के बीच 40 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद गतिरोध बना हुआ है. नीचे देखें वीडियो.
Video : मौके पर पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तैनात है, जबकि सेना के जवान भी नगरासू कस्बे में पहुंच चुके हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, बदरीनाथ राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग और गौचर के बीच स्थित नगरासू गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर शनिवार शाम करीब चार बजे चढ़े निहंग अब भी वहीं डटे हुए हैं. गुरुद्वारे में मौजूद करीब छह निहंग उन निहंगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं, जिन्हें 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई एक घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था. उस विवाद के दौरान निहंगों ने कथित तौर पर तलवारबाजी कर कुछ स्थानीय लोगों को घायल कर दिया था, जिसके बाद उनमें से चार को गिरफ्तार किया गया था. देखें घटना का वीडियो.
VIDEO | Uttarakhand: Nihang Sikhs protesting against arrest of fellow associates at Nagrasu Gurdwara in Rudraprayag district pelt stones on police and the administration.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 22, 2026
The Nihang Sikhs are staging a rooftop standoff at the Nagrasu Gurdwara.
A heavy deployment of police… pic.twitter.com/qehjQjBgPq
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन निहंगों से बातचीत कर उन्हें नीचे उतरने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है. पुलिस ने बताया कि निहंगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे शस्त्र हैं. इससे पहले रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने रविवार (21 जून) शाम कहा था कि पुलिस, जिला प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति लगातार निहंगों के साथ संवाद कर रहे हैं और जल्द ही समाधान निकलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा था कि बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. निहंगों में से एक छत से नीचे उतरकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के लिए आया है. अन्य निहंगों से भी बातचीत जारी है.
पुलिस ने गुरुद्वारे पर कब्जा किए जाने और किसी को बंधक बनाए जाने संबंधी खबरों का भी खंडन किया. हालांकि, गुरुद्वारे के संचालक सरदार बेअंत सिंह ने दावा किया कि निहंगों ने एक व्यक्ति को कुछ समय के लिए बंधक बनाया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया. रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा शांतिपूर्वक जारी है और गुरुद्वारे के भीतर भी अरदास, लंगर तथा यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है. उन्होंने लोगों से इस संबंध में अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की. रुद्रप्रयाग और गौचर के बीच नगरासू में कुछ वर्ष पहले बने इस गुरुद्वारे का उपयोग हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने-जाने वाले सिख श्रद्धालु करते हैं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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