Rajasthan: 100 लॉकर में किसके बंद हैं 500 करोड़ रुपये और 50 किलो सोना! किरोड़ी लाल मीणा ने किया ये दावा
Rajasthan Election 2023 : लगभग 100 लॉकर हैं जिनमें लगभग 500 करोड़ रुपये और 50 किलो सोना है. मैं तब तक गेट पर बैठा रहूंगा जब तक पुलिस आकर लॉकर नहीं खोल देती. जानें क्या बोले बीजेपी के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा
Rajasthan Election 2023 : राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा हो चुकी है. मतदान की तारीख सामने आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर लगातार हमलावर हैं. इस क्रम में बीजेपी के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि जयपुर में एक भवन में 100 निजी लॉकरों में 500 करोड़ रुपये का काला धन और 50 किलो सोना रखा हुआ है. बीजेपी नेता ने पुलिस से लॉकर खोलने की मांग की है. हालांकि, मीणा ने यह खुलासा नहीं किया कि लॉकर किसके हैं. यहां चर्चा कर दें कि बीजेपी ने मीणा को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सवाई माधोपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है. इस बीच आपको बता दें कि राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीखों में चुनाव आयोग ने बदलाव किया है, अब मतदान 25 नवंबर को होगा. पहले मतदान की तारीख 23 नवंबर निर्धारित की गई थी. मतदान की तारीख 25 नवंबर निर्धारित की गई है और परिणाम तीन दिसंबर को घोषित किए जाएंगे जिसका पूरे देश को इंतजार है. जहां कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी का दावा कर रही है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी वर्तमान की गहलोत सरकार को एक बार फिर उखाड़ फेंकने की बात कह रही है.
100 लॉकर में लगभग 500 करोड़ रुपये और 50 किलो सोना
बीजेपी के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर के पिंक सिटी प्रेस क्लब में मीडिया से बात की और दावा किया कि लगभग 100 लॉकर हैं जिनमें लगभग 500 करोड़ रुपये और 50 किलो सोना है. मैं तब तक गेट पर बैठा रहूंगा जब तक पुलिस आकर लॉकर नहीं खोल देती. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि लॉकर किसके हैं. आगे मीणा ने कहा कि मैं नामों का खुलासा बाद में करूंगा क्योंकि अगर मैं अभी खुलासा करूंगा, तो राजनीतिक दबाव में लॉकर नहीं खोले जाएंगे. प्रेस क्लब से मीणा ने मीडिया से उस भवन तक उनके साथ चलने को कहा जहां के लॉकरों में उनके दावे अनुसार काला धन रखा है. वह मीडिया के साथ उस भवन में गए जहां लॉकर हैं. उन्होंने कहा कि जयपुर पुलिस को लॉकर खोलने चाहिए.
रणनीति बनाने में जुटी पार्टियां
राजस्थान में विधानसभा चुनाव के तारीख की घोषणा होते ही राजनीतिक दल एक रणनीति के साथ चल रहे हैं. प्रदेश में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच होना है. राजस्थान में कांग्रेस वर्तमान में सत्ता में है और वह किसी भी कीमत पर इस राज्य को अपने कब्जे से बाहर जाने नहीं देना चाहती है. इसी क्रम में प्रदेश की स्थिति की जानकारी देने और भावी रणनीति बनाने के लिए राजस्थान के सीएम अशोक गहलाोत पिछले दिनों सोनिया गांधी से दिल्ली में मिले. वहीं बीजेपी के बड़े नेता लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं. वसुंधरा राजे को लेकर भी पार्टी बच बचकर चल रही है.
जयपुर के गणपति प्लाजा के एक लॉकर के बाहर धरने पर बैठा हूं। इसमें 500 करोड़ रुपये और 50 किलो सोना है। जब तक एसीबी या कोई जाँच एजेंसी यहां नहीं आएगी तब तक यही धरने पर बैठा रहूंगा। pic.twitter.com/BptR3Xe2H8
— Dr. Kirodi Lal Meena (@DrKirodilalBJP) October 13, 2023
Also Read: Rajasthan Election 2023 : पीएम मोदी ने की अशोक गहलोत सरकार की तारीफ ? जानें क्या बोली कांग्रेस
राजस्थान का ट्रेंड
आपको बता दें कि इस बार कांग्रेस सत्ता में वापसी का दावा कर रही है. लेकिन यदि हम पिछले 20 साल में राजस्थान में हुए चार विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो कोई भी पार्टी लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में सफल होती नजर नहीं आयी. सत्ताधारी पार्टी के विधायक दोबारा चुनाव मैदान में उतरते हैं तो उनमें से ज्यादातर को जनता नकार देती है. जनता का सबसे ज्यादा गुस्सा मंत्रियों पर निकलता है, पिछली चार सरकारों में मंत्री रहे ज्यादातर नेता अगले चुनाव में हारते नजर आ चुके हैं. इसको देखकर राजस्थान का ट्रेंड आप सहज समझ सकते हैं कि प्रदेश की जनता हर पांच साल में सरकार बदल देती है. हालांकि कांग्रेस नेता ये दावा करते दिख रहे हैं कि सूबे में इस बार कांग्रेस फिर सत्ता पर काबिज होगी और राजस्थान का ट्रेंड बदलेगा.
भाषा इनपुट के साथ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










