कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए राजस्थान हाइकोर्ट ने नगर निगम चुनाव छह सप्ताह तक स्थगित किया

Updated at : 19 Mar 2020 7:51 AM (IST)
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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए राजस्थान हाइकोर्ट ने नगर निगम चुनाव छह सप्ताह तक स्थगित किया

coronavirus in rajasthan, COVID19 : rajasthan high court postponed municipal election due to coronavirus जयपुर : कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए राजस्थान हाइकोर्ट की एक खंडपीठ ने राज्य में छह नवगठित नगर निगमों में चुनावों को छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है. अब यह चुनाव जून के पहले सप्ताह में होने की संभावना है. नवगठित जयपुर हेरिटेज, जयपुर, जोधपुर उत्तर, जोधपुर दक्षिण, कोटा उत्तर, और कोटा दक्षिण में 560 वार्ड पार्षदों को चुनने के लिए 5 अप्रैल को चुनाव प्रस्तावित था. COVID19, rajasthan, rajasthan high court, municipal elections postponed, rajasthan cm, ashok gehlot, rajasthan news, rajasthani, coronavirus, Coronavirus in India, Coronavirus Cases in India, Coronavirus India Live updates, Covid-19 Pandemic in India updates, Coronavirus Infected place in India, Coronavirus Outbreak, Coronavirus Update, Coronavirus Pandemic, Coronavirus death toll, Coronavirus In Rajasthan Update, Coronavirus Section 144, Coronavirus Jhunjhunu Update, Coronavirus Suspect in India

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जयपुर : कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए राजस्थान हाइकोर्ट की एक खंडपीठ ने राज्य में छह नवगठित नगर निगमों में चुनावों को छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है. अब यह चुनाव जून के पहले सप्ताह में होने की संभावना है. नवगठित जयपुर हेरिटेज, जयपुर, जोधपुर उत्तर, जोधपुर दक्षिण, कोटा उत्तर, और कोटा दक्षिण में 560 वार्ड पार्षदों को चुनने के लिए 5 अप्रैल को चुनाव प्रस्तावित था.

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा और मनोज कुमार व्यास की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश दिये. न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार व्यास की खंडपीठ ने कहा कि कोरोना बीमारी को केंद्र सरकार द्वारा एक महामारी घोषित किया गया है और चुनाव को बीमारी के प्रकोप को देखते हुए स्थगित किया जाना चाहिए.

खंडपीठ ने 6 सप्ताह के लिए चुनाव टाल दिये. वार्ड पार्षद के चुनाव की अधिसूचना 19 मार्च को जारी होने वाली थी. नवगठित छह नगर निगमों में 35 लाख से अधिक मतदाता हैं और 15,000 से अधिक कर्मियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया जाना था. चुनाव स्थगित करने के लिए विधायकों और जिला कलेक्टरों से नागरिक अनुरोध के बाद स्थानीय स्वास्थ्य शासन विभाग ने राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखा था.

आयोग ने अपने जवाब में कहा था कि चुनाव हाइकोर्ट के निर्देश पर हो रहे हैं और इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता. एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल के नेतृत्व में स्थानीय स्वास्थ्य शासन विभाग और कानून विभाग के अधिकारियों की बैठक में चुनाव को टालने के लिए एक प्रार्थना पत्र हाइकोर्ट में पेश करने का निर्णय लिया गया था.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के झुंझुनूं जिले में तीन लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूरे प्रदेश में कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी कर दिये हैं. एक दिन पहले ही उन्होंने सभी धर्मों के धार्मिक गुरुओं से मुलाकात के बाद कहा था कि वह प्रदेश में कर्फ्यू नहीं लगाना चाहते.

इसके एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों के जीवन पर खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में प्रथम चरण में 31 मार्च तक धारा 144 लागू करने के निर्देश दे दिये. गहलोत ने झुंझुंनू में जिस स्थान पर कोरोना वायरस से संक्रमित तीन रोगी पाये गये हैं, वहां अगले दो दिन तक मरीजों के घर से एक किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगाये जाने के निर्देश दिये हैं, ताकि अन्य लोगों में संक्रमण फैलने से रोका जा सके.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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