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Rourkela News: ‘विश्व खाद्य दिवस 2025’ पर तकनीकी नवाचार के जरिये खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर बल दिया

Updated at : 16 Oct 2025 11:55 PM (IST)
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Rourkela News: ‘विश्व खाद्य दिवस 2025’ पर तकनीकी नवाचार के जरिये खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर बल दिया

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Rourkela News: एनआइटी राउरकेला में विश्व खाद्य दिवस 2025 मनाया गया. इसमें वक्ताओं ने स्थायी और न्यायसंगत खाद्य प्रणालियों के निर्माण का आह्वान किया.

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Rourkela News: एनआइटी राउरकेला के खाद्य प्रसंस्करण अभियांत्रिकी विभाग ने भारतीय खाद्य वैज्ञानिकों एवं प्रौद्योगिकीविदों के संघ (एएफएसटीआइ)-राउरकेला चैप्टर और छात्र गतिविधि केंद्र (एसएसी) की फूड टेक्नोलॉजी सोसायटी के सहयोग से गुरुवार को विश्व खाद्य दिवस मनाया. इसका उद्देश्य स्थायी और न्यायसंगत खाद्य प्रणालियों के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रेरित करना था. इस वर्ष का विषय ‘बेहतर भोजन और बेहतर भविष्य के लिए हाथ मिलाना’ रखा गया.

स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपभोग को बढ़ावा देकर किसानों का समर्थन करने की अपील

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रोफेसर राम चंद्र प्रधान के स्वागत भाषण से हुआ, जिन्होंने सभी विशेषज्ञों, अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया. मुख्य अतिथि प्रो एचएन मिश्रा (एमेरिटस प्रोफेसर, आइआइटी खड़गपुर) ने कहा कि एनआइटी राउरकेला का खाद्य प्रसंस्करण अभियांत्रिकी विभाग देश के अग्रणी विभागों में से है. उन्होंने कहा कि जब विश्व में लगभग 70 करोड़ लोग भोजन के अभाव में सोते हैं, तब स्थायी समाधान तलाशना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपभोग को बढ़ावा देकर किसानों का समर्थन करने और तकनीकी नवाचार के जरिये खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर बल दिया.

खाद्य उद्योग को स्थायी समाधान और किफायती उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए

वैश्विक अनुसंधान एवं विकास प्रमुख, पारले बिस्कुट प्रा लि, मुंबई के प्रताप स्वांई ने कहा कि खाद्य उद्योग को स्थायी समाधान और किफायती उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मजबूत मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण की कुंजी बताया. खाद्य प्रसंस्करण इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो सव्यसाची मिश्रा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल अधिक उत्पादन से नहीं, बल्कि अपव्यय को कम करने से भी सुनिश्चित होती है. उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर कुल खाद्य उत्पादन का 30-35% हिस्सा कटाई, भंडारण और वितरण के दौरान नष्ट हो जाता है. उन्होंने सभी हितधारकों (सरकार, किसान, उद्योग, शोधकर्ता और उपभोक्ता) को सहयोगपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया ताकि बेहतर भोजन और बेहतर भविष्य का लक्ष्य साकार हो सके.

विशेषज्ञ व्याख्यान, संवाद सत्र, क्विज और केस स्टडी प्रतियोगिताएं आयोजित

कार्यक्रम में प्रो राजीव के पंडा (अध्यक्ष, एसएसी), प्रो दिव्यकांत सेठ, और प्रो विवेक के (फूड टेक सोसाइटी के संकाय प्रभारी) ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया. प्रो विनी राउत्रे (मानद कोषाध्यक्ष, एएफएसटी-आइ, राउरकेला चैप्टर) सहित कई अन्य संकाय सदस्य एवं छात्र शामिल हुए. प्रो मधुरेश द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. दिनभर चले इस आयोजन में विशेषज्ञ व्याख्यान, संवाद सत्र, क्विज और केस स्टडी प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं. प्रो एचएन मिश्रा ने भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्टार्टअप के अवसर विषय पर और श्री प्रताप स्वांई ने सतत खाद्य मूल्य श्रृंखला विकास पर विशेष व्याख्यान दिये. समारोह ने यह संदेश दिया कि खाद्य सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करने के लिए सहयोग, नवाचार और जिम्मेदार उपभोग अनिवार्य हैं. उद्घाटन समारोह के समापन पर, एएफएसटीआइ (राउरकेला चैप्टर) और फूड टेक सोसाइटी, एसएसी द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी और केस स्टडी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किये गये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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