Rourkela News: जिलाध्यक्ष ने नयी कमेटी के बारे में मुझसे नहीं की बात : पूर्व विधायक

Rourkela News: राउरकेला जिला भाजपा कमेटी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा. अब पूर्व विधायक शंकर ओराम इसमें कूद पड़े हैं.
Rourkela News: बिरमित्रपुर के पूर्व विधायक शंकर ओराम ने गुरुवार को दावा किया कि राउरकेला जिला भाजपा की नयी कमेटी के पदाधिकारियों के चयन के सिलसिले में उनकी जिलाध्यक्ष पूर्णिमा केरकेट्टा से किसी तरह की कोई बात नहीं हुई है. जिस दिन पूर्णिमा केरकेट्टा जिलाध्यक्ष बनायी गयीं, उसके अगले दिन उन्होंने बात की थी. इसे अरसा बीत चुका है. इसके बाद मेरी उनसे किसी तरह की बात नहीं हुई है.
जिलाध्यक्ष के बयानों पर दी प्रतिक्रिया
शंकर ओराम ने कहा कि वे सामने आकर इसलिए यह बात कह रहे हैं, क्योंकि नयी कमेटी के गठन को लेकर मुझसे बातचीत होने की बात मेरे संज्ञान में आयी है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है. शंकर ओराम ने यह प्रतिक्रिया जिलाध्यक्ष पूर्णिमा केरकेट्टा के उस बयान के बाद दी है, जिसमें उन्होंने बुधवार को कहा था कि वे राउरकेला सांगठनिक जिले का अध्यक्ष चुने जाने और जिम्मेदारी संभालने के बाद, जिले में जमीनी स्तर से संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास और विश्वास के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने कहा था कि जिलाध्यक्ष बनने के बाद, पार्टी की नीतियों और नियमों के अनुसार जिला कमेटी के पदाधिकारियों की सूची तैयार की है. इसे प्रकाशित करने से पहले, सुंदरगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय, रघुनाथपाली विधायक दुर्गा चरण तांती, पूर्व विधायक शंकर ओराम और अन्य वरिष्ठ नेताओं से सलाह और परामर्श करने के बाद सूची तैयार की है. उन्होंने कहा कि जिला प्रभारी की सहमति और प्रदेश अध्यक्ष की मंजूरी से सूची प्रकाशित की गयी है. इसमें कोई मनमाना काम नहीं किया गया है. अपने ऊपर लगे आरोपों को उन्होंने निराधार व मनगढ़ंत बताया था. लेकिन अब शंकर ओराम ने सामने आकर दावा किया है कि उनसे किसी तरह की बातचीत कमेटी गठन को लेकर नहीं की गयी है.
पदाधिकारियों की सूची जारी होने के बाद से मचा है हंगामा
दरअसल भाजपा के नये पदाधिकारियों की सूची जारी होने के बाद से ही पार्टी की जिला इकाई में हंगामा मचा है. भाजपा का एक धड़ा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगा रहा है. इसे लेकर मंगलवार को जिला भाजपा कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही जमकर नारेबाजी की गयी थी. वहीं बाद में जिलाध्यक्ष ने अपना स्पष्टीकरण दिया था. अब शंकर ओराम की प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद और गहरा गया है. ऐसा लग रहा था कि मामला सुलझने की ओर है, लेकिन पूर्व विधायक ने गुरुवार को बयान जारी कर इस विवाद को और गहरा दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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