Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने क्योंझर में जीरो एक्सीडेंट डे अभियान का विस्तार किया

Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने ‘कम होम सेफ’ मिशन के तहत क्योंझर जिले में जीरो एक्सीडेंट डे अभियान का विस्तार करने का निर्णय लिया है.
Bhubaneswar News: राज्यभर में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में, ओडिशा सरकार ने अपने सफल जीरो एक्सीडेंट डे अभियान को क्योंझर जिले तक विस्तारित करने की घोषणा की है. यह पहल मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में चलाये जा रहे व्यापक ‘कम होम सेफ’ मिशन का हिस्सा है.
भुवनेश्वर में सकारात्मक परिणाम से बढ़ा हौसला
ओडिशा के प्रमुख दुर्घटना हॉट स्पॉट में शुमार क्योंझर को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और आइआइटी मद्रास की ओर से टॉप 100 जिलों की सूची में डाटा-आधारित हाइपर लोकल हस्तक्षेप के लिए चुना गया है. भुवनेश्वर में इस अभियान के तहत दुर्घटना मृत्यु दर में कमी आने जैसे सकारात्मक परिणामों के बाद अब सरकार ने क्योंझर में एक समग्र और लक्षित कार्ययोजना लागू करने का निर्णय लिया है. एक उच्च स्तरीय रणनीति बैठक आयोजित की गयी, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख सचिव उषा पाढ़ी और परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर ने किया, जिसमें क्योंझर के कलेक्टर, राज्य नोडल अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और आइआइटी मद्रास के तकनीकी विशेषज्ञ, आरबीजी लैब्स के प्रतिनिधि समेत विभागीय तकनीकी सलाहकार शामिल हुए.
आइआइटी मद्रास ने डाटा-आधारित जीरो एक्सीडेंट डे कार्ययोजना प्रस्तुत की
बैठक में आइआइटी मद्रास ने 14 दिनीय विकेंद्रीकृत, डाटा-आधारित जीरो एक्सीडेंट डे कार्ययोजना प्रस्तुत की, जो जिले के दुर्घटनाओं की बहुलता वाले क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेपों पर केंद्रित है. इस अभियान के तहत ब्लॉक और ग्राम स्तर पर कई स्तरों पर पहल की जायेगी, जिनमें दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों के निकट ‘चा औ चर्चा’ नामक सामुदायिक संवाद, स्थानीय सहायकों और राहगीरों को प्राथमिक प्रतिक्रिया कर्ताओं के रूप में प्रशिक्षित करना, स्कूलों में बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा जागरुकता सत्र, खनन और औद्योगिक क्षेत्रों के चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और ऑल इंडिया रेडियो के माध्यम से जन जागरुकता अभियान शामिल हैं. इसके अलावा, क्योंझर में जल्द ही जीरो एक्सीडेंट डे के संदर्भ में एक टीजर अभियान भी शुरू किया जायेगा, जो सड़क सुरक्षा को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में नागरिकों के बीच जागरुकता फैलायेगा.
क्योंझर में दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
प्रमुख सचिव उषा पाढ़ी ने कहा कि भुवनेश्वर में जीरो एक्सीडेंट डे के सकारात्मक प्रभावों ने इस अभियान की सफलता की क्षमता को दर्शाया है. क्योंझर में भारी मात्रा में भारी वाहनों के आवागमन को देखते हुए निरंतर जागरुकता और व्यावहारिक परिवर्तन पर जोर देना आवश्यक है. सड़क सुरक्षा सभी की साझा जिम्मेदारी है और इसका सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करता है. परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर ने कहा कि क्योंझर में दुर्घटनाओं की संख्या असमान रूप से अधिक है. लक्षित हस्तक्षेपों और समन्वित प्रयासों के साथ सरकार दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है. आइआइटी मद्रास के आरबीजी लैब्स के प्रोफेसर वेंकटेश बालासुब्रमणियन ने तकनीकी दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि एकीकृत जेडएडी-डीडीएचआइ मॉडल तकनीक, प्रशिक्षण और सहानुभूति को मिलाकर सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को व्यापक रूप से संबोधित करता है. उन्होंने विश्वास जताया कि क्योंझर की पहल अन्य जिलों के लिए आदर्श बनेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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