Rourkela News: एनसीसी आर्मी विंग, एनआइटी राउरकेला ने आर्मी डे के अवसर पर केमो कार्निवल 3.0 का भव्य आयोजन किया. यह एनसीसी आर्मी विंग का वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव भुवनेश्वर बेहेरा ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ, जहां भारतीय सेना की वीरता, अनुशासन और नि:स्वार्थ सेवा को याद किया गया. कार्यक्रम ने एनसीसी कैडेट्स व छात्रों को नेतृत्व, राष्ट्रीय सेवा और देशभक्ति का जश्न मनाने का जीवंत मंच प्रदान किया. 800 से अधिक लोगों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें नौवीं ओडिशा बटालियन राउरकेला के एनसीसी कैडेट्स, छात्र, फैकल्टी और स्टाफ शामिल थे. प्रो मयंक यादव (एनसीसी आर्मी विंग के प्रोफेसर-इन-चार्ज) ने स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर (एसएसी) के विभिन्न क्लबों के सहयोग से इसका आयोजन किया.
युवाओं को सेना में करियर बनाने के लिए किया प्रोत्साहित
मेजर जनरल (डॉ) यशपाल सिंह मोर, सेना मेडल (रिटायर्ड) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर प्रकाश डाला और व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने छात्रों को भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव करने और समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और देशों के लोगों से दोस्ती करने के लिए देश भर में यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया. राज्य के युवाओं की कृषि जड़ों से मिली मानसिक और शारीरिक सहनशक्ति की प्रशंसा करते हुए उन्होंने उन्हें भारतीय सेना में करियर बनाने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि सेना जीवन बदल देती है. यह आपके जुनून को पहचानती है, आपकी कड़ी मेहनत को महत्व देती है, प्रतिभा को पुरस्कृत करती है. सेना आपको आत्मविश्वास और साहस के साथ दुनिया का सामना करने के लिए तैयार करती है. उन्होंने कहा कि जब मैं एनआइटी राउरकेला जैसे संस्थानों के छात्रों से मिलता हूं, तो मुझे एक ऐसी पीढ़ी दिखती है, जो धर्म, जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर है. आज के भारत को स्वदेशी आरएंडडी को आगे बढ़ाने के लिए युवा दिमागों की जरूरत है, ताकि राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत किया जा सके और इनोवेशन का नेतृत्व किया जा सके, खासकर ड्रोन जैसी मल्टी-यूज टेक्नोलॉजी में जिनका इस्तेमाल रक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन में किया जा सकता है.
देशभक्ति नृत्य, हिंदी कविताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो निरंजन कुमार पंडा (छात्र कल्याण डीन) व प्रो राजीव कुमार पंडा (एसएसी अध्यक्ष) के सान्निध्य में दीप प्रज्ज्वलन से हुई. प्रो विक्रमादित्य साहू व प्रो आशीर्वाद जाना (सह-पीआइसी) भी मौजूद रहे. तीन घंटे के कार्यक्रम में स्वागत गीत, भाषण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं. नृतुंजय क्लब का देशभक्ति नृत्य, कलाम क्लब की हिंदी कविताएं, आर्मी डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग, इंटरैक्टिव पॉडकास्ट, हार्ट बीट्स क्लब का संगीत व सम्मान समारोह हुआ. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ. कैमो कार्निवल 3.0 का उद्देश्य एनसीसी और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व गुणों और राष्ट्रीय गौरव की गहरी भावना को बढ़ावा देना था.
कौन हैं मेजर जनरल (डॉ) यशपाल सिंह मोर
डॉ यशपाल सिंह मोर भारतीय सेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी हैं, जिनका शानदार करियर चार दशकों से अधिक का है. वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) और इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आइएमए) के पूर्व छात्र हैं. उन्हें व्यापक ऑपरेशनल अनुभव था, जिसमें जम्मू और कश्मीर और पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियान शामिल थे, जिसके लिए उन्हें सेना पदक और सेना प्रमुख का प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया था. उन्होंने मोजाम्बिक में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी सेवा दी. अपनी 40 साल की शानदार सेवा के दौरान, उन्होंने इन्फेंट्री और आर्म्ड फॉर्मेशन की कमान संभाली, आर्मी हेडक्वार्टर में सीनियर रणनीतिक पदों पर रहे और रिटायरमेंट से पहले लद्दाख और रेगिस्तानी सेक्टर में अहम लीडरशिप भूमिकाओं में काम किया. मेजर जनरल मोर एक विद्वान और रणनीतिक विचारक भी हैं, जिनके पास डॉक्टरेट की डिग्री है, जो ऑपरेशनल अनुभव को अकादमिक समझ के साथ जोड़ते हैं. रिटायरमेंट के बाद, वह लीडरशिप डेवलपमेंट, युवाओं को मेंटरिंग करने और शैक्षणिक संस्थानों के साथ जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देना जारी रखे हुए हैं और छात्रों को अनुशासन, सेवा और ईमानदारी के मूल्यों से प्रेरित कर रहे हैं.
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