Bhubaneswar News: हाथ की चोट में कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक पुनर्वास में प्लास्टिक सर्जनों की भूमिका पर जोर

Updated:
विज्ञापन
Bhubaneswar News: हाथ की चोट में कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक पुनर्वास में प्लास्टिक सर्जनों की भूमिका पर जोर

Bhubaneswar News: एम्स भुवनेश्वर की कार्यशाला में रेजिडेंट प्रशिक्षुओं ने सर्जिकल तकनीक, फिक्सेशन और जटिलताओं के प्रबंधन की जानकारी प्राप्त की.

विज्ञापन

Bhubaneswar News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुवनेश्वर के बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने हैंड फ्रैक्चर फिक्सेशन वर्कशॉप का आयोजन किया. यह कार्यशाला इंडियन सोसाइटी फॉर सर्जरी ऑफ द हैंड और एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक रिस्ट्रक्टिव एस्थेटिक सर्जन्स ऑफ ओडिशा के सहयोग में आयोजित की गयी. इस अवसर पर यह स्पष्ट किया गया कि हाथ की चोटों के प्रबंधन में प्लास्टिक सर्जनों की भूमिका सिर्फ हड्डि���ों के स्थिरीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक पुनर्वास भी शामिल है.

पिन, प्लेट, स्क्रू और वायर जैसे विभिन्न फिक्सेशन तरीकों के बारे में बताया

कार्यशाला में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक डॉ अशुतोष बिस्वास ने कहा कि प्लास्टिक सर्जन माइक्रोसर्जरी, सॉफ्ट टिशू रिकंस्ट्रक्शन और बोन फिक्सेशन में विशेष कौशल रखते हैं, जिससे चोटिल हाथ की पूर्ण कार्यक्षमता और रूप-रंग की बहाली सुनिश्चित होती है. डॉ संजय कुमार गिरि (विभागाध्यक्ष) ने हड्डियों को स्थिर करने के लिए पिन, प्लेट, स्क्रू और वायर जैसे विभिन्न फिक्सेशन तरीकों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि हड्डी के नुकसान या नॉन-यूनियन जैसी जटिल परिस्थितियों में, बोन ग्राफ्टिंग और नसों व रक्त वाहिकाओं की माइक्रोसर्जिकल मरम्मत करके परिसंचरण, संवेदनशीलता और गतिशीलता बहाल की जाती है. वर्कशॉप का संचालन डॉ गिरि के मार्गदर्शन में हुआ और इसमें विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें डॉ रवि गणेश भारद्वाज (सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स, अपोलो हॉस्पिटल्स, कोलकाता) और डॉ एम ताहिर अंसारी (प्रोफेसर, ऑर्थोपेडिक्स, एम्स, नयी दिल्ली) शामिल थे.

प्लास्टिक सर्जन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, ट्रॉमा विशेषज्ञ और पुनर्वास टीमों में समन्वय पर जोर

लगभग 35 रेजिडेंट प्रशिक्षुओं ने बोन मॉडल और इम्प्लांट का उपयोग कर हाथों-हाथ प्रशिक्षण लिया और सर्जिकल तकनीक, फिक्सेशन और जटिलताओं के प्रबंधन की जानकारी प्राप्त की. विशेषज्ञों ने आपातकालीन और नियमित सेटिंग में प्लास्टिक सर्जन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, ट्रॉमा विशेषज्ञ और पुनर्वास टीमों के बीच बहुविशेषज्ञ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि हाथ की चोटों के प्रबंधन में सर्वोत्तम कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक परिणाम सुनिश्चित किये जा सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Bipin Kumar Yadav

लेखक के बारे में

By Bipin Kumar Yadav

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola