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Rourkela News: राज्य सरकार ने कारपोरेट मालिकाें के हित में कार्य के घंटे बढ़ाने का लिया निर्णय : सीटू

Updated at : 07 Oct 2025 12:06 AM (IST)
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Rourkela News: राज्य सरकार ने कारपोरेट मालिकाें के हित में कार्य के घंटे बढ़ाने का लिया निर्णय : सीटू

Rourkela News: सीटू ने कार्य के घंटे बढ़ाकर 10 घंटे करने व रात में महिला श्रमिकों से काम कराने की अनुमति देने के खिलाफ प्रदर्शन किया.

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Rourkela News: ओडिशा सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव कर काम के घंटे की अवधि आठ से बढ़ा कर 10 घंटे कर दी है. इसके खिलाफ सीटू राज्य समिति ने सोमवार को उदितनगर स्थित संयुक्त श्रमायुक्त कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया. वहीं मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर सरकार से ऐसे श्रमिक विरोधी निर्णयों से तुरंत बचने का आग्रह किया, अन्यथा आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर श्रमिक आंदोलन की चेतावनी दी है.

30 सितंबर को राज्य सरकार के मंत्रिमंडल ने किया है बदलाव

राज्य की भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर को कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 51 और धारा 54 में सर्वसम्मति से संशोधन कर श्रमिकों के दैनिक कार्य के घंटे आठ से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिये हैं. जिसे लागू करने पर श्रमिकों के कार्य के घंटे 48 के बजाय 12 घंटे बढ़कर 60 घंटे प्रति सप्ताह हो जायेंगे. कारखाना अधिनियम की धारा 66/1(बी) में भी संशोधन कर महिला श्रमिकों को रात में काम करने की अनुमति दी गयी है. सीटू ने आरोप लगाया है कि राज्य की मोहन माझी सरकार ने ऐसा श्रमिक विरोधी निर्णय केवल कारपोरेट मालिकों के हितों की रक्षा के लिए लिया है.

सरकार के फैसले से श्रमिकों की होगी छंटनी, नयी भर्ती बंद होगी

सीटू जिला महासचिव और राज्य उपाध्यक्ष विमान माइती ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. जबकि राज्य उपाध्यक्ष जहांगीर अली, श्रीमंत बेहरा, बीपी महापात्रा, राज किशोर प्रधान, ययाति केसरी साहू, अजय शर्मा, लक्ष्मीधर नायक, अजीत एक्का, विश्वजीत माझी, चंद्रभानु दास, प्रभात मोहंती, अटल स्वांई, विनय बेहुरिया, दिवाकर महाराणा, संवित स्वांई, सरोज बारला ने कहा कि सरकार के फैसले से सैकड़ों श्रमिकों की छंटनी होगी और नयी भर्ती पूरी तरह से बंद हो जायेगी. राज्य की भाजपा सरकार ने बड़े नियोक्ताओं और कॉरपोरेट्स के हितों की रक्षा के लिए ऐसा निर्णय लिया है. जबकि केंद्र की भाजपा सरकार ने सभी श्रम कानूनों को निरस्त कर दिया है और चार श्रम संहिताएं बनायी हैं. राज्य की डबल इंजन सरकार ने इसे लागू करने के लिए यह मजदूर विरोधी फैसला लिया है. सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की गयी है.

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

राउरकेला संयुक्त श्रम पदाधिकारी प्रणव जेना के माध्यम से मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को एक ज्ञापन सौंपा गया है. इसमें कहा गया है कि यदि सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में एक बड़े श्रमिक आंदोलन का आह्वान किया गया है. इस विरोध प्रदर्शन में विजय स्वांई, उपेंद्र त्रिपाठी, एनके राउतराय, अरुण महाराणा, शुभेंदु मोहंती, सी दिवाकर राव, बसंत पाढ़ी, जयंती मोहिनी, कंचनी देहुरी समेत सैकड़ों श्रमिक शामिल रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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