Rourkela News: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं -चावल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है. लेकिन सरकारी स्तर पर प्रक्रिया में देरी के कारण लाभार्थी गेहूं पाने से वंचित हैं. सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए एनएफएस (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना), एसएफएस (राज्य खाद्य सुरक्षा योजना) और अंत्योदय योजनाएं तैयार की हैं. योजना के तहत चिह्नित एनएसएस लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति तीन किलो चावल या दो किलो गेहूं मुफ्त उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गयी थी.
राउरकेला में 62,042 एनएफएस और 2400 से अधिक एसएफएस कार्ड
वर्तमान में राउरकेला में 62,042 एनएफएस कार्ड हैं और 2,15,017 लाभार्थी इन पर निर्भर हैं. इसी तरह राउरकेला में 2,400 से अधिक एसएफएस कार्ड और 2,891अंत्योदय कार्ड हैं. वर्ष 2020 से पहले एनएफएस लाभार्थियों को चावल और गेहूं मिलता था. 2020 के बाद लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति केवल पांच किलो चावल मिल रहा है. सूबे में सरकार बदलने के बाद आपूर्ति मंत्री ने घोषणा की थी कि अब लाभार्थियों को फिर गेहूं मिलेगा. इसमें सितंबर और अक्तूबर में एनएफएस कार्डधारकों को चावल में से दस फीसदी काटकर गेहूं वितरित करने की बात कही गयी थी. इसके अनुसार राउरकेला को पांच हजार क्विंटल से अधिक गेहूं मिलेगा. लेकिन अब विभाग ने 15 सितंबर से लाभार्थियों को नवंबर और दिसंबर महीने का चावल वितरित करने का आदेश दिया है.
गेहूं उठाव को लेकर पेंच, लाभार्थियों में संशय
लाभार्थियों के अनुसार जो 10 फीसदी चावल काटा गया था और जो गेहूं देने को कहा गया था, वह अभी तक नहीं मिला है. अब नवंबर और दिसंबर महीने का चावल दिया जायेगा. जिससे गेहूं मिलेगा या नहीं, इसे लेकर लाभार्थियों में आशंका बनी हुई है. इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी संजय कुमार साहू ने कहा कि राउरकेला में एफसीआई से गेहूं का उठाव किया जाना चाहिए. लेकिन जो गेहूं आया है वह बणई के रानीबांध, हेमगिर और बारामुसा स्थित डिपो में है. परिवहन के लिए नियुक्त वाहन मालिक गेहूं उठाव के लिए अधिक किराया मांग रहे हैं. इस संबंध में जिलापाल की उपस्थिति में निविदा समिति में किराया बढ़ा दिया गया है और अनुमोदन के लिए विभाग को भेज दिया गया है. इसका अनुमोदन होते ही हम वाहन मालिक से गेहूं उठाव करने को कहेंगे. साथ ही जिस डिपो से गेहूं उठाया जायेगा उसे वाहन मालिक के कोड से टैग किया जायेगा. जो भुवनेश्वर से होगा. हमने इन दोनों कार्यों पर विभाग के वरीय अधिकारियों के साथ चर्चा की है. यह बहुत जल्द होने की संभावना है. किराया बढ़ने और डिपो से टैग होने के बाद लाभार्थियों को गेहूं मिल सकेगा.
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