Rourkela News: दिनभर धूप, तो शाम में आंधी-पानी ने स्मार्ट सिटी के लोगों को किया परेशान

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Rourkela News: काल बैसाखी के प्रभाव में आंधी-बारिश के कारण शहर के मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है.

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Rourkela News: सुंदरगढ़ जिला समेत स्मार्ट सिटी राउरकेला का मौसम पिछले करीब दो सप्ताह से लगातार बदल रहा है. काल बैसाखी के प्रभाव में हो रहे इस बदलाव से आम जनजीवन प्रभावित है. दिनभर कड़ी धूप, उमस और चिपचिपी गर्मी लोगों के पसीने छुड़ा रही है, तो शाम होते ही आंधी-पानी से राहत तो मिल रही है, लेकिन लोगों को परेशानी भी हो रही है.

शहर का पारा 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज

राउरकेला में शनिवार को सुबह से लेकर शाम चार बजे तक कड़ी धूप रही, जिससे लोगों को उमस और चिपचिपी भरी गर्मी का सामना करना पड़ा. तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया. मौसम का मिजाज बदलने के कारण सुबह से ही सूरज की किरणें तेज थीं, जिससे लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा था. दोपहर के समय तो हालत और भी खराब हो गयी, जब तापमान अपने चरम पर पहुंच गया. लोगों ने छतरी और पंखे का सहारा लिया, लेकिन गर्मी का प्रकोप कम नहीं हुआ. वहीं देर शाम आठ बजे के आस-पास तेज हवा के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली. शुक्रवार शाम भी जोरदार बारिश के अलावा आंधी-पानी ने परेशान किया था.

बंडामुंडा : कुकुड़ा रेलवे फाटक डेढ़ घंटे तक रहा बंद, सैकड़ों वाहन फंसे

सुंदरगढ़ जिले में शुक्रवार शाम आयी तेज आंधी और तूफान ने बंडामुंडा क्षेत्र में रेल एवं सड़क यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. आर केबिन के पास स्थित रेल ज्वाइंट लाइन-1, 2 और 3 पर एक विशाल सीमल का पेड़ टूटकर गिर गया, जिससे रेल परिचालन बाधित हो गया. पेड़ गिरने का असर बिसरा-कुकुड़ा रेलवे फाटक पर भी पड़ा, जहां करीब 1 घंटा 15 मिनट तक फाटक बंद रहा. रेल परिचालन प्रभावित होने के कारण कई ट्रेनों को अलग-अलग स्थानों पर रोकना पड़ा. उत्कल एक्सप्रेस को पी केबिन और ए केबिन के पास लगभग 30 मिनट तक खड़ा रखा गया. वहीं एक मालगाड़ी को डी केबिन के आउटसाइड लाइन पर करीब 45 मिनट तक रोका गया. तपस्विनी एक्सप्रेस भी ए केबिन के आउटसाइड लाइन पर कुछ देर के लिए रुकी रही.

दो-चार पहिया वाहन के चालकों को हुई परेशानी

फाटक बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी. दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ एंबुलेंस तथा आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. बंडामुंडा और बिसरा के बीच आवागमन के लिए कुकुड़ा रेलवे फाटक एक प्रमुख एवं व्यस्त मार्ग माना जाता है. ऐसे में लंबे समय तक फाटक बंद रहने से पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था चरमरा गयी. स्थिति से परेशान कई लोग वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने को विवश हुए. वहीं कई दोपहिया वाहन चालक कुकुड़ा रेलवे फाटक के किनारे से पुगराबहाल होते हुए बंडामुंडा जाने वाले मार्ग से आवागमन करते नजर आये. इसकी सूचना पर बंडामुंडा एरिया रेलवे मैनेजर (एआरएम) अमित कुमार षाड़ंगी, चीफ डीटीआइ रसानंद बारिक तथा डीटीआइ वेंकट, रेलकर्मियों के साथ लगातार रेल लाइन पर गिरी पेड़ की टहनियों को हटाने के कार्य में जुटे रहे. अधिकारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बहाली कार्य का जायजा लिया और रेल परिचालन को जल्द सामान्य करने के लिए कर्मचारियों के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभायी. काफी मशक्कत के बाद पेड़ को हटाया गया, जिसके बाद रेलवे फाटक खोला गया और धीरे-धीरे रेल एवं सड़क यातायात सामान्य हो सका.

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Bipin Kumar Yadav

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By Bipin Kumar Yadav

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