श्रमिकों को न्यूनतम वेतन 30 हजार मिले, इपीएफ बढ़ाकर 7500 रुपये किया जाये

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अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बीएमएस नेता.

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भारतीय मजदूर संघ ने खुर्दा में विरोध प्रदर्शन कर न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये और ईपीएफ पेंशन बढ़ाकर 7500 रुपये करने की मांग की है। जानें पूरी खबर।

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भुवनेश्वर : श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के आह्वान पर सोमवार को खुर्दा जिले में ‘विरोध दिवस’ मनाया गया. इस दौरान श्रमिकों ने रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री तथा ओडिशा के मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. खुर्दा न्यू बस स्टैंड से शुरू हुई रैली जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंची, जहां यह एक जनसभा में बीएमएस नेताओं ने श्रमिकों को संबोधित किया.

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इएसआइसी की वेतन सीमा 21,000 व इपीएफ की 30 हजार रुपये करने की मांग

बीएमएस ने केंद्र और राज्य सरकार से श्रमिकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. प्रमुख मांगों में इएसआइसी की वेतन सीमा 21,000 रुपये से बढ़ाकर 42,000 रुपये, इपीएफ की न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये और इपीएफ वेतन सीमा 30,000 रुपये करने की मांग शामिल है. इसके अलावा, बोनस की गणना के लिए वेतन सीमा 18,000 रुपये तथा बोनस पात्रता सीमा 42,000 रुपये निर्धारित करने की मांग भी उठायी गयी. बीएमएस ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं सहित योजना-आधारित कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि, संविदा कर्मचारियों के लिए ‘समान काम के लिए समान वेतन’, श्रमिक विरोधी श्रम कानूनों के प्रावधानों को समाप्त करने और बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग की.

एलआइसी के विकास अधिकारियों को पूर्ण नौकरी सुरक्षा दी जाये

संगठन ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 40 लाख रुपये, राष्ट्रीय न्यूनतम मासिक वेतन 30,000 रुपये निर्धारित करने तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के विकास अधिकारियों को पूर्ण नौकरी सुरक्षा देने की भी मांग रखी. इसके साथ ही, राज्य के विभिन्न संस्थानों में कथित रूप से अवैध तरीके से नौकरी से हटाये गये कर्मचारियों को तत्काल पुनर्नियुक्त करने की मांग भी की गयी.

श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को सरकार तत्काल कदम उठाये

जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, बेहतर वेतन, पेंशन, रोजगार सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए. कार्यक्रम में बीएमएस के राज्य सचिव रंजन कुमार दास, सत्यव्रत परिडा, राज्य सचिव तथा ऑल ओडिशा आंगनबाड़ी लेडीज वर्कर्स एसोसिएशन की महासचिव पुंजलता दास, खुर्दा जिला अध्यक्ष अक्षय कुमार राउतराय, जिला सचिव अमरेश महापात्र और संगठन मंत्री पार्थ सारथी मोहंती सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी, श्रमिक और समर्थक शामिल हुए.

आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी

बीएमएस ने कहा कि श्रमिकों की जायज मांगों को लेकर आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा. बीएमएस के जिला सचिव अमरेश महापात्र ने बताया कि रांची में आयोजित भारतीय मजदूर संघ की 161वीं केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक के निर्णय के अनुसार 17 अगस्त को देशभर के सभी जिला मुख्यालयों में श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दिवस मनाया गया. इसी क्रम में बीएमएस ओडिशा इकाई ने राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किये.


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