Jharsuguda News: झारसुगुड़ा, किरमिरा व कोलाबीरा ब्लॉक में 145 हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद, नहीं मिला मुआवजा

Jharsuguda News: झारसुगुड़ जिले में जुलाई में हुई भारी बारिश के दौरान पानी के साथ खेतों में फ्लाई ऐश घुस गयी थी. इससे खेत बर्बाद हो गये हैं.
Jharsuguda News: झारसुगुड़ा जिले में जुलाई में भारी बारिश से सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने के लिए रखी गयी फ्लाई ऐश पानी के साथ खेतों में घुस गयी थी. इससे झारसुगुड़ा, किरमिरा और कोलाबीरा ब्लॉक में 145 हेक्टेयर कृषि भूमि राख से ढक गयी थी. लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है. केवल सरकारी सर्वेक्षण हुआ है.
तहसीलदार और राजस्व निरीक्षण ने बनायी थी प्रभावित किसानों की सूची
तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने किस ब्लॉक में कितने किसान खेतों में फ्लाई ऐश घुसने से प्रभावित हुए थे, इसकी सूची बनायी थी. लेकिन इसके बाद अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है. अब तक किसानों को न ही मुआवजा मिला है और न ही कब मिलेगा, इस बारे में कोई जानकारी दी गयी है. झारसुगुड़ा प्रखंड के बुधईपदर से कोलाबीरा प्रखंड के पटनापाली तक राष्ट्रीय राजमार्ग-49 के निर्माण के लिए 10 फुट गहरी मिट्टी खोदकर नींव में फ्लाई ऐश डाल दी गयी थी. इस फ्लाई ऐश को सड़क में रोककर रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया था. छह जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण जिले में बाढ़ आयी, तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर डाली गयी औद्योगिक राख पानी के साथ खेतों में पहुंच गयी. झारसुगुड़ा, किरमिरा और कोलाबीरा ब्लॉकों में कई हेक्टेयर कृषि भूमि फ्लाई ऐश के कारण बर्बाद हो गयी है. स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार खेती अच्छी हुई थी. उम्मीद थी की बेहतर पैदावार होगी. लेकिन खेतों में फ्लाई ऐश घुसने से फसल बर्बाद हो गयी है.
खेतों में फ्लाई ऐश घुसने पर गरमा गयी थी जिले की राजनीति
विधायक टंकधर त्रिपाठी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद एक समीक्षा बैठक की थी. उन्होंने लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण मामलों के मंत्री से चर्चा के बाद प्रभावित किसानों के लिए तीन करोड़ रुपये मंजूर करने का अनुरोध किया था. प्रभावित किसानों और पूर्व विधायक दीपाली दास ने विधायक के नाम शिकायत दर्ज करायी. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक राख गिराने के लिए उकसा रहे हैं. उन्होंने प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की थी. इसे ध्यान में रखते हुए दोनों के बीच राजनीति बयानबाजी शुरू हो गयी थी. राख पर राजनीति करने के साथ-साथ दोनों ने एक-दूसरे पर कीचड़ भी उछाला. लेकिन दोनों इस बात पर भी चर्चा कर रहे थे कि कितनी कृषि भूमि का नुकसान हुआ है और इसके लिए क्या किया जाना चाहिए.किस ब्लॉक में कितनी कृषि भूमि को पहुंचा नुकसान
झारसुगुड़ा प्रखंड की दुरलगा पंचायत की 6 हेक्टेयर कृषि भूमि और सालेटिकरा में दो हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है. इसी तरह तलपटिया पंचायत के तलपटिया में 32 हेक्टेयर कृषि भूमि और टेंगनमाल में दो हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है. झारसुगुड़ा नगरपालिका के पंचपाड़ा में चार हेक्टेयर कृषि भूमि राख के कारण क्षतिग्रस्त हुई है. इसी तरह किरमिरा ब्लॉक में अरदा पंचायत के अरदा, धुत्रा और कंकडेगुमुंडा गांवों में 27 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है. बांधपाली पंचायत के सियादमा और भूसिमल में 27 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है. इसी तरह कोलाबीरा के केलडामल में 15 हेक्टेयर कृषि भूमि राख गिरने से बर्बाद हो गयी है. तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों ने इसका निरीक्षण कर सूची तैयार की है और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है. झारसुगुड़ा सहित किरमिरा और कोलाबीरा ब्लॉक में 145 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बर्बाद होने से किसान खेती किये बिना बेकार बैठे हैं. इस राख ने किसानों की आजीविका को प्रभावित किया है और वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या वे कुछ वर्षों के बाद फिर से उसी जमीन पर खेती कर पायेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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