Lok Sabha Election: जीत की मार्जिन को बरकरार रखना ही NDA उम्मीदवारों की सबसे बड़ी चुनौती

Lok Sabha Election 2024 | PTI
Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव का पहला चरण पूरा हो चुका है और दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है. इस बार बिहार में एनडीए उम्मीदवारों के लिए जीत से अधिक जीत की मार्जिन को बरकरार रखना चुनौती है.
Lok Sabha Election: सुमित कुमार, पटना. लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार की 40 सीटों पर खड़े उम्मीदवारों के लिए 2019 लोकसभा चुनाव के जीत की मार्जिन को बरकरार रखना ही बड़ी चुनौती होगी. पिछले लोकसभा चुनाव में 25 सीटों पर सांसदों ने 20 फीसदी से अधिक के अंतर से जीत हासिल की थी, जबकि आधा दर्जन सांसदों ने अपने नजदीकी उम्मीदवार से 30 फीसदी से अधिक वोट हासिल किये थे. इसके मुकाबले 2014 में मात्र छह सांसदों ने ही 20 फीसदी से अधिक वोट का अंतर कायम किया था. इस साल 30 फीसदी से अधिक वोट के अंतर से जीतने वाले सांसदों की संख्या मात्र दो थी.
दूसरे सबसे अधिक वोट के अंतर से जीतने वाले अजय निषाद का टिकट कटा
2014 में गोपालगंज से जनक राम ने सबसे अधिक 32.39 फीसदी वोट के अंतर से जीत हासिल की थी. उनके बाद शत्रुघ्न सिन्हा 30.39 फीसदी, रामविलास पासवान 25.35 फीसदी और अजय निषाद 23.68 फीसदी वोटों के अंतर से जीते थे. इसके मुकाबले 2019 में मधुबनी से अशोक यादव 47.21 फीसदी वोट के अंतर से जीत कर बिहार में सबसे अव्वल रहे. दूसरे नंबर मुजफ्फरपुर के अजय निषाद ने 38.75 फीसदी वोटों के अंतर से अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्धी को हराया था. 2019 लोकसभा चुनाव में 30 फीसदी से अधिक वोट के अंतर से जीतने वाले दो सांसदों का टिकट इस बार कट गया है. इनमें मुजफ्फरपुर के अजय निषाद और शिवहर की रमा देवी का नाम शामिल है. रमा देवी 33.88 फीसदी वोटों के अंतर से चुनाव जीती थीं.
केवल छह सांसदों ने 10 फीसदी के अंतर से हासिल की थी जीत
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 2019 में केवल छह सांसदों ने 10 फीसदी के अंतर से जीत हासिल की थी. जहानाबाद के सांसद चंदेश्वर प्रसाद तो सिर्फ 0.21 फीसदी वोट के अंतर से जीते थे. किशनगंज के सांसद मो जावेद को 3.13 फीसदी और पाटलिपुत्र के सांसद रामकृपाल यादव को 3.65 फीसदी वोट के अंतर से जीत हासिल हुई थी. इनके अलावा कटिहार के सांसद दुलालचंद गोस्वामी 5.12 फीसदी, औरंगाबाद के सांसद सुशील कुमार सिंह 7.55 फीसदी और काराकाट के सांसद महाबली सिंह 9.73 फीसदी वोट के अंतर से जीते थे. इनमें सिर्फ एक महाबली सिंह का टिकट इस बार कटा है. इसके मुकाबले 2014 में जीते 40 सांसदों में से डेढ़ दर्जन सांसदों के जीत-हार का अंतर 10 फीसदी से कम रहा था.
2019 में सबसे अधिक वोटों के अंतर से जीतने वाले सांसद
लोकसभा@जीते सांसद@जीत का अंतर (% में)
मधुबनी@अशोक यादव@47.21
मुजफ्फरपुर@अजय निषाद@38.75
बेगूसराय@गिरिराज सिंह@34.45
वाल्मिकीनगर@बैद्यनाथ महतो@34.36
शिवहर@रमा देवी@33.88
झंझारपुर@रामप्रीत मंडल@30.45
2014 में सबसे अधिक वोटों से जीतने वाले सांसद
लोकसभा@जीते सांसद@जीत का अंतर (% में)
गोपालगंज@जनक राम@32.39
पटना साहिब@शत्रुघ्न सिन्हा@30.39
हाजीपुर@रामविलास पासवान@25.35
पूर्वी चंपारण@राधामोहन सिंह@23.74
मुजफ्फरपुर@अजय निषाद@23.68
किशनगंज@मो असरारूल हक@21.36
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लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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