चाईबासा : कागजात के पेच में फंसा केयू के 434 कर्मियों का वेतन

केयू के कागजात के पेच में 434 से अधिक शिक्षक, शिक्षकेत्तरकर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, गार्ड व सफाई कर्मियों का वेतनमान व मानदेय अटक कर रह गया है. इससे परेशानी बढ़ गयी है.
केयू के कागजात के पेच में 434 से अधिक शिक्षक, शिक्षकेत्तरकर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, गार्ड व सफाई कर्मियों का वेतनमान व मानदेय अटक कर रह गया है. इससे परेशानी बढ़ गयी है. चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) के पूर्व में किये प्रशासनिक क्रिया-कलापों की वजह से अब केयू के 434 से अधिक शिक्षक, शिक्षकेत्तरकर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, गार्ड व सफाई कर्मियों का वेतनमान व मानदेय अटक कर रह गया है. केयू सूत्रों के द्वारा अब जून माह में ही मानदेय व वेतनमान आदि के भुगतान की संभावना जतायी जा रही है. इसमें नीड बेस्ड शिक्षक के रूप में अपनी सेवा प्रदान करने वाले 139, वाेकेशनल कोर्स में कार्यरत 145 शिक्षक-शिक्षकेतरकर्मी और आउटसोर्स के रूप में केयू के मुख्यालय व विभिन्न अंगीभूत कॉलेजों में अपनी सेवा देने वाले लगभग 150 कर्मी शामिल हैं. वेतन रुकने के कारण अलग-अलग हैं, पर परिणाम यह कि कई महीनों से वेतन नहीं मिलने से सबकी परेशानी बढ़ गयी है. वर्तमान विश्वविद्यालय प्रशासन पूर्व की इन गड़बड़ियों को ठीक कर कार्यशैली को पटरी पर लाने के प्रयास में जुटा है.
नीड बेस्ड शिक्षकों के कागजात की जांच आज से
नीड बेस्ड शिक्षकों के कागजाताें की जांच 8 मई से शुरू होकर 17 मई तक चलेगी. इसमें केयू के मुख्यालय स्थित पीजी के विभाग व विभिन्न अंगीभूत काॅलेजों में अपनी सेवा देने वाले शिक्षक शामिल हैं. कागजातों की जांच के बाद ही तय होगी कि गलत कागजात हैं या नहीं.आउटसोर्स कर्मियों को पांच माह से नहीं मिला मानदेय
केयू के मुख्यालय व विभिन्न अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को पिछले 5 माह से मानदेय नहीं मिला है. इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन व आउटसोर्स कर्मियों को बहाल करने वाली एजेंसी के बीच मसले को सुलझाने के लिए देय पावती का हिसाब-किताब ठीक किया जा रहा है. ताकि जल्द मानदेय मिले.वोकेशनल कोर्स के शिक्षक का 4 माह से रुका वेतन
वोकेशनल कोर्स के शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों को भी 4 माह से वेतन नहीं मिला है. यह मामला सिंडिकेट के द्वारा पास किए जाने के बाद ही तय हो पाएगी. 2022-23 व 2023-24 के वाेकेशनल सेल के बजट के अप्रूवल के लिए राजभवन से अनुमति मांगी गयी है. कुलाधिपति की सहमति मिलने के बाद ही केयू बजट को सिंडिकेट की बैठक में पास कराएगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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