पश्चिमी सिंहभूम के खूंटपानी में आजीविका सेवा केंद्र का उद्घाटन, किसानों को मिलेगा लाभ

Published by :Priya Gupta
Published at :18 Apr 2026 1:36 PM (IST)
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West Singhbhum News

खूंटपानी के मटकोबेड़ा में इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के आजीविका सेवा केंद्र का उदघाटन करते विधायक दशरथ गागराई, साथ में अन्य लोग

West Singhbhum News: खूंटपानी प्रखंड के मटकोबेडा में इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के तहत आजीविका सेवा केंद्र का उद्घाटन हुआ. इससे किसानों को आधुनिक कृषि, पशुपालन और आजीविका संबंधी सेवाओं के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा.

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड के मटकोबेडा में जेएसएलपीएस के इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के तहत आजीविका सेवा केंद्र (एलएससी) का उदघाटन हुआ. स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने माटकोबेडा आजीविका महिला संकुल संगठन/स्वावलंबी सहकारी समिति के इस लिमिटेड के कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया. मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि आजीविका सेवा केंद्र के माध्यम से किसानों और ग्रामीण परिवारों को कृषि और आजीविका से संबंधित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी. इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा. आजीविका सशक्तीकरण के लिए किये जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंनें कहा इससे आजीविका एवं सामाजिक समावेशन को गति मिलेगा. उन्होंने कहा कि सभी परिवारों को सशक्त आजीविका से जोड़ने के लिए सभी विभागों से समन्वय स्थापित करें, ताकि लाभुकों को इंटीग्रेटेड रूप से सभी योजनाओं का लाभ मिल सके. गागराई ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में आजीविका सेवा केंद्र (एलएससी) क्षेत्र के किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा. साथ ही स्थानीय आर्थिक विकास को नई  दिशा देगा. 

किसानों को चार तरह के गतिविधियों से जोड़ा जाएगा : बीपीए

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेएसएलपीएस के बीपीएम ग्रेगोरी तिग्गा ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) परियोजना की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ना, उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना और बाजार से जोड़कर उनकी आजीविका को सशक्त बनाना है. आजीविका सेवा केंद्र (एलएससी) के जरीये चार अलग गतिविधियों के जरिए किसानों के आमदानी बढ़ाने पर जोर रहेगा. किसानों को सब्जी की खेती से लेकर बकरी पालन, मुर्गी-बतख पालन, अंडा उत्पादन आदि से जोड़ा जा रहा है. इस दौरान परिषद सदस्य जमुना तियु, मुखिया माधुरी हेंब्रम, बासंती गागराई समेत मटकोबेड़ा संकुल की दीदियां उपस्थित रहीं. 

खूंटपानी के मटकोबेड़ा में इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के आजीविका सेवा केंद्र के उदघाटन के पश्चात् समिति की महिलाओं को संबोधित करते विधायक दशरथ गागराई, साथ में अन्य लोग

16 गांवों के 1200 किसानों को चार आईएफसी से जोड़ कर आजीविका बढ़ाने पर जोर

खूंटपानी प्रखंड में चार इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) बनाया गया है. 16 गांवों के 1200 किसानों को इन चार आईएफसी से जोड कर अलग-अलग गतिविधियों के जरिए आमदानी बढ़ाने की तैयारी हो रही है. खूंटपानी आईएफसी में लोहरदा, उलीगुटू, अरगुंडी व बैंका, शारदा आईएफसी में शारदा, कुंदरुहातु, पासुहातु व बारीपी, मटकोबाडा आईएफसी में पांड्राशाली, उपरलोटा, कुमारलोटा व केंदुलोटा और भोया आईएफसी में जानुमबेडा, गोटाई, बिंज और कुस्तुईया गांव के किसानों को रखा गया है. 

पहले चरण में 776 किसान कर रहे है सब्जी की खेती

एलएससी कार्यालय के माध्यम से कृषि, पशुपालन, बागवानी, इनपुट सप्लाई, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार संपर्क जैसी सेवाएं भी उपलब्ध करायी जाएंगी. पहले चरण में चारों आईएफसी से जुड़े 776 किसान सब्जी की खेती कर रहे है. सभी किसानों को 80 फिसदी अनुसान पर बीज उपलब्ध कराया गया है. 

खूंटपानी के मटकोबेड़ा में इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के आजीविका सेवा केंद्र के उदघाटन के पश्चात् समिति की महिलाओं को संबोधित करते विधायक दशरथ गागराई, साथ में अन्य लोग

खूंटपानी, शारदा और माटकोबेडा आईएफसी में होगा अंडा उत्पादन 

शारदा व भोया सीएफसी में बतख चुजा हार्डनिंग सेंटर शुरु किया गया है. खूंटपानी, शारदा और माटकोबेडा आईएफसी में अंडा उत्पादन के लिए एक-एकड़ लेयर बर्ड यूनिट लगाया गया है. यहां जल्द ही अंडों का उत्पादन शुरु हो जाएगा. एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट के तहत शारदा आईएफसी के राईहातु गांव में एक दाल और मशाला प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना अंतिम चरण में है.

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प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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