मझगांव एकलव्य मॉडल स्कूल भवन निर्माण श्रमिकों को नहीं मिल रही न्यूनतम मजदूरी, 504 की जगह मिल रहे 300 रुपए

Updated at : 01 Apr 2024 3:16 PM (IST)
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मझगांव एकलव्य मॉडल स्कूल भवन निर्माण श्रमिकों को नहीं मिल रही न्यूनतम मजदूरी, 504 की जगह मिल रहे 300 रुपए

पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव प्रखंड में केंद्र सरकार एकलव्य मॉडल स्कूल बनवा रही है. भवन निर्माण में लगे श्रमिकों को ठेकेदार न्यूनतम मजदूरी नहीं दे रहा.

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड अंतर्गत हल्दिया गांव में करोड़ों की लागत से एकलव्य मॉडल स्कूल के भवन का निर्माण हो रहा है. इसमें कार्यरत मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है.

संवेदक पर मजदूरों को सिर्फ 300 रुपए मजदूरी देने का आरोप

स्कूल भवन के निर्माण में लगे मजदूरों ने संवेदक पर 504 रुपए की बजाय 300 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान का आरोप लगाया है. इसकी शिकायत मजदूरों ने झारखंड जनरल कामगार यूनियन के जिला सचिव सह मंझारी प्रखंड के जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल से की.

केंद्र सरकार करा रही है एकलव्य मॉडल स्कूल हल्दिया का निर्माण

कुंकल ने कहा कि एकलव्य मॉडल स्कूल हल्दिया का निर्माण केंद्र सरकार की मद से कराया जा रहा है और केंद्र सरकार के द्वारा न्यूनतम मजदूरी 504 लागू की गयी है. कहा, गरीबी के कारण आदिवासी तबका ठेकेदारों के द्वारा शोषित किया जा रहा है. संवेदक जुनैद कंस्ट्रक्शन और आशियाना कंस्ट्रक्शन के द्वारा मजदूरों की मजदूरी लूटी जा रही है.

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504 रुपए का भुगतान नहीं करने पर काम बंद रखने का निर्णय

उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी 504 रुपए का भुगतान नहीं किए जाने तक काम को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. मौके पर सोमा चातर, नसीमा तिरिया, लक्ष्मी जेराई, रीना कुलडी, चंपा पिंगुवा, सिवनी कुलड़ी, बिमला जेरई, जिली चातर, मंचूडीया कुलड़ी, जितेन हेंब्रम, विकास हेंब्रम, दीपक चातर, शंकर कुलड़ी, मोटाय जेराई आदि मौजूद थे.

खदानों के समतलीकरण के बिना लीज भूमि नहीं देंगे

टोंटो थान क्षेत्र के कोंदवा, राजंका, नीमडीह व कुदाहातु गांवों में एसीसी के खदान लीज से प्रभावित रैयतों की बैठक रविवार को कोंदवा गांव में हुई. जहां नीमडीह गांव के सोंगा बलमुचू की अध्यक्षता में ग्राम सभा में कई निर्णय भी लिए गए. जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा में जब तक एसीसी कंपनी के द्वारा खुदाई किए गए खदानों का समतलीकरण नहीं किया जाता, तब तक कंपनी के नये लीज को रैयतों द्वारा नहीं कराने का निर्णय लिया गया.

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बंद खदानों की वजह से खेतीबाड़ी नहीं करते रैयत

वहीं, बताया कि बंद खदानों की वजह से रैयतों द्वारा खेतीबाड़ी नहीं की जाती है. जिसकी वजह से इन गांवों में गरीबी व बेरोजगारी बढ़ रही है. ग्राम सभा ने कहा कि कंपनी बार-बार गलतियां करती है, पर उसे मानने को तैयार नहीं. बताया कि जब भी कंपनी के द्वारा लीज प्राप्त करने का एग्रीमेंट होता है, तो कहा जाता है कि खदानों की खुदाई के क्रम में आगे खुदाई होगी, वहीं पीछे खोदे गए भूमि को समतल किया जाएगा, पर कंपनी ऐसा नहीं करती है आदि. ग्राम सभा की बैठक में पूर्व मुखिया लक्ष्मी हेस्सा, सोंगा बलमुचू, डुका होनहागा, पोदना हेस्सा आदि मौजूद थे.

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