आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्ययोजना लागू करना जरूरी
Updated at : 11 Mar 2017 4:58 AM (IST)
विज्ञापन

कोल्हान आयुक्त कार्यालय सभागार में पर्यावरण परिवर्तन पर कार्यशाला, बोले चंद्रभूषण आपदा जोखिम न्यूनीकरण का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके चाईबासा : आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्ययोजना तैयार कर उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करना है. भू-जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत प्राकृतिक आपदा के प्रति संवेदनशील रहा है. हमारे देश में बाढ़, सूखा, […]
विज्ञापन
कोल्हान आयुक्त कार्यालय सभागार में पर्यावरण परिवर्तन पर कार्यशाला, बोले चंद्रभूषण
आपदा जोखिम न्यूनीकरण का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके
चाईबासा : आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्ययोजना तैयार कर उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करना है. भू-जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत प्राकृतिक आपदा के प्रति संवेदनशील रहा है. हमारे देश में बाढ़, सूखा, चक्रवात, भूकंप और भूस्खलन की घटना आम है. राज्य के कई भागों में पतझड़ व शुष्क पतझड़ वनों में आग लगना आम बात है. उक्त बातें कोल्हान आयुक्त के सचिव चंद्र भूषण सिंह ने कहीं. वे शुक्रवार को कोल्हान आयुक्त कार्यालय सभागार में प्रमंडल स्तरीय महिला व शिशु केंद्रित आपदा जोखिम न्यूनीकरण व पर्यावरण परिवर्तन कार्यशाला में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि वर्तमान में व्यापक रूप से जलवायु परिवर्तन हो रहा है.
इसके कारण कहीं सुखाड़ है, तो कहीं बाढ़. मौसम का मिजाज एकाएक बदलना इसी के लक्षण है. कार्यशाला में आपदा से बचने का तरीका बताया गया. कार्यक्रम में तकनीकी सत्रों का संचालन वरिष्ठ सलाहकार कुशल मुखर्जी, श्रीमती शर्ली फिल्लिप ने किया. इसमें एनजीओ आइडीएफ, जेएसएलपीएस, आसरा आदि ने हिस्सा लिया.
संवेदनशील हो कर जीवन जीने की आदत डालें :इंटर एजेंसी ग्रुप के संयोजक सुबीर कुमार ने कहा कि विभिन्न विभागों की भूमिका व सहभागिता से आपदा प्रबंधन बेहतर तरीके से कार्यान्वित हो सकता है. मानव निर्मित आपदा से स्वयं को बचाना होगा. संवेदनशील हो कर जीवन जीने की आदत डालनी होगी. रक्षा शक्ति विवि के प्रो दिलीप कुमार ने बताया कि झारखंड में महिला व शिशु केंद्रित आपदा प्रबंधन पर रोडमैप तैयार करना आवश्यक है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




