जीएनएम-सहिया बनी दलाल, बिक गया नवजात
Updated at : 15 Jun 2016 3:16 AM (IST)
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मझगांव : जीएनएम और सहिया को प्रसूताओं के लिए भगवना से कम नहीं माना जाता है, लेकिन उन्हीं में से दो की हरकत ने पूरे पेशे को शर्मसार कर दिया है. मझगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जीएनएम व सहिया ने एक प्रसूता की मदद के बदले उसके बच्चे को बिहार निवासी एक दंपती के हाथों […]
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मझगांव : जीएनएम और सहिया को प्रसूताओं के लिए भगवना से कम नहीं माना जाता है, लेकिन उन्हीं में से दो की हरकत ने पूरे पेशे को शर्मसार कर दिया है. मझगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जीएनएम व सहिया ने एक प्रसूता की मदद के बदले उसके बच्चे को बिहार निवासी एक दंपती के हाथों बिकवा दिया. मामले का खुलासा तब हुआ, जब प्रसूता बिना बच्चे के अपने गांव लौटी. ग्रामीणों ने मंगलवार को मामले की जानकारी
जीएनएम-सहिया बनी…
मीडिया को दी और आगे की कार्रवाई की बात भी कही.
पांच बच्चों की मां बलियापोषी पंचायत के टुंटाकटा गांव निवासी रोयबारी देवी ने प्रसव में आये खर्च का भुगतान न कर पाने की स्थिति में अपने छठे बच्चे को जीएनएम को सौंप दिया. घर पहुंचने पर परिवार वालों ने रोयबारी से बच्चे के बारे पूछा, तो उसने घटना की जानकारी दी. रोयबारी के पति मंगल सिंह महाराणा मूक-बधिर हैं. उसके ससुराल वालों ने इसकी जानकारी मुंडा व मुखिया को दी. मुंडा व मुखिया ने इस संबंध में उपायुक्त से मिलकर शिकायत करने की बात कही है.
रोयबारी ने बताया कि 11 जून को उसने छठे बच्चे को जन्म दिया. उसका प्रसव मझगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ. जच्चा-बच्चा ठीक रहने के बावजूद उन्हें 12 जून की दोपहर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. यहां से रोयबारी 13 जून को बगैर बच्चे के घर लौटी. रोयबारी ने बताया कि उसने अपना बच्चा जीएनएम पूनम कुमारी को दे दिया.
पूनम कुमारी व सहिया सरस्वती ने गर्भधारण के बाद से दवा, चेकअप, खून दिलाने व अन्य मद में पैसे खर्च किये. दोनों ने उसे समझाया कि पहले से उसके पांच बच्चे हैं. गरीबी के कारण किसी तरह उनका पालन-पोषण कर रही है. छठे बच्चे के भविष्य के लिए उन्हें बच्चा दे दे. बिहार के एक दंपती उक्त बच्चा रखना चाहते हैं. इससे बच्चे का भविष्य बन जायेगा.
परवरिश व कर्ज का हवाला दे बिहार के दंपती को बिकवाया बच्चा
जीएनएम-सहिया ने की थी प्रसव में महिला की मदद
महिला के पहले से ही हैं पांच बच्चे, पति है मूक-बधिर
कौन मां अपने बच्चे को नहीं रखना चाहती है. बच्चे के भविष्य को देखते हुए और जीएनएम पूनम व सहिया सरस्वती सिंकू के कर्ज में दबे होने के कारण उन्हें बच्चा देना पड़ा.
रोयबारी, देवी (पीड़िता)
अगर परिवारवाले बच्चे को रखना चाहते हैं, तो मंगाकर उन्हें दे दिया जायेगा. रोयबारी पर खर्च हुए पैसे परिवारवाले लौटा दें.
सरस्वती सिंकू, सहिया, टुंटाकाट
यह गंभीर मामला है. किसी भी हाल में दोषियों को छोड़ा नहीं जायेगा. बुधवार को जगन्नाथपुर एसडीओ को मामले के संज्ञान के लिए गांव भेजा जायेगा.
अबुबक्कर सिद्दीख पी, उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम
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