35 वर्ष बाद श्रमदान से हुई तालाब की सफाई
Updated at : 13 Jun 2016 3:39 AM (IST)
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गोपीनाथपुर में वर्ष 1981 में की गयी थी तालाब की खुदाई, अब तक नहीं हुआ जीर्णोद्धार चक्रधरपुर : गोपीनाथपुर बांध विस्थापित मत्स्य जीवी स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के बैनर तले प्रखंड के गोपीनाथपुर गांव के ग्रामीणों ने श्रमदान से 6 एकड़ 24 डिसमिल जमीन में फैले तालाब की सफाई की. तालाब की खुदाई 1981 में […]
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गोपीनाथपुर में वर्ष 1981 में की गयी थी तालाब की खुदाई, अब तक नहीं हुआ जीर्णोद्धार
चक्रधरपुर : गोपीनाथपुर बांध विस्थापित मत्स्य जीवी स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के बैनर तले प्रखंड के गोपीनाथपुर गांव के ग्रामीणों ने श्रमदान से 6 एकड़ 24 डिसमिल जमीन में फैले तालाब की सफाई की. तालाब की खुदाई 1981 में की गयी थी. तब से आज तक तालाब का जीर्णोद्धार नहीं किया गया. इसके कारण तालाब की स्थिति दयनीय होती जा रही थी. ग्रामीणों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत तालाब की गंदगी साफ की.
तालाब से जल कुंभी, झाड़िया व कीचड़ को हटाया गया. ग्रामीणों ने कहा कि अब गांव के कुएं, सड़क, नाली व चौक- चौराहों की सफाई की जायेगी. श्रमदान करने वालों में बसंत महतो, अमित कुमार महतो, गौरांग महतो, पद्मोलोचन महतो, संजय महतो, हरि महतो, जगदीश महतो, गोपाल महतो, जीतेंद्र महतो, मुकेश बेहरा, भुवनेश्वर महतो, तारणी महतो, विशेश्वर बेहरा, धरणी महतो, हरिश्चंद्र महतो, उद्यान महतो, श्रीकांत महतो, शहबाज मुखी, रहबाज मुखी, सीत महतो आदि ग्रामीण शामिल थे.
35 साल पुरानी तालाब पर कई गांव हैं आश्रित : गोपीनाथपुर गांव के नीचे टोला में स्थित 35 साल पुरानी तालाब में दर्जनों गांव के लगभग पांच हजार लोग आश्रित हैं. जो रोजाना स्नान व अन्य कार्य करते हैं. इस तालाब के पानी से गोपीनाथपुर, सनाईकुटी, मागुरदा, लोदोडीह के किसान सालों भर खेती कर अपनी जीविका चलाते हैं.
जीर्णोद्धार के लिए सरकार से लगायी गुहार : गोपीनाथपुर गांव के लिए यह तालाब लाइफ लाइन से कम नहीं है. ग्रामीणों ने सरकार से तालाब का जीर्णोद्धार करने का आग्रह किया है. ग्रामीणों ने कहा कि जीर्णोद्धार हो जाने से यहां के लोग वर्षभर खेती कर सकेंगे.
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