गालूडीह. स्लैग प्लांट का जहरीला पानी खेत में छोड़ने का विरोध
Updated at : 09 Jun 2016 6:22 AM (IST)
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गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र के महुलिया-कालीमाटी मौजा में स्लैग प्लांट से करीब 50 एकड़ खेतीहर जमीन बंजर हो रही है. इसके खिलाफ बुधवार को पुरुष और महिला किसानों ने स्लैग प्लांट के पास विरोध-प्रदर्शन किया. इसकी शिकायत घाटशिला सीओ से कर कार्रवाई की मांग की है. किसानों ने बताया कि महुलिया निवासी सुभाष अग्रवाल […]
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गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र के महुलिया-कालीमाटी मौजा में स्लैग प्लांट से करीब 50 एकड़ खेतीहर जमीन बंजर हो रही है. इसके खिलाफ बुधवार को पुरुष और महिला किसानों ने स्लैग प्लांट के पास विरोध-प्रदर्शन किया. इसकी शिकायत घाटशिला सीओ से कर कार्रवाई की मांग की है.
किसानों ने बताया कि महुलिया निवासी सुभाष अग्रवाल ने स्लैग प्लांट खोला है. प्लांट से सटी खेतीहर जमीन है, जहां धान की खेती होती है. किसान अभी हल जोत रहे हैं. स्लैग युक्त पानी खेतों में जाने से खेत बंजर हो रहे हैं. दो दर्जन से अधिक किसानों की जमीन यहां है. खेती बरबाद हो जायेगी, तो किसान कहां जायेंगे. किसानों ने कहा कि अंचल विभाग जांच कर स्लैग प्लांट को बंद कराये या फिर खेतों में जहरीला पानी जाने से रोकें, अन्यथा किसान उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे. विरोध-प्रदर्शन में किसान पूर्णिमा गोप, घासीराम गोप,
धीरेन गोप, अधीर चंद्र गोराई, बापी दत्ता, विजय दास, किष्टो दास, रवि नंदी, निरंजन हलधर, जवाहर लाल मुखर्जी, मोनी गोप, उप मुखिया राजाराम गोप समेत अनेक किसान शामिल थे.
पूजा स्थल गरम थान का रास्ता घेरा : स्लैग प्लांट के पास पूजा स्थल गरम थान है. किसानों का आरोप है कि प्लांट संचालक ने गरम थान का रास्ता भी बंद कर दिया है. किसानों ने कहा कि प्लांट संख्या 262, खाता संख्या 255 और रकवा 0.3 डिसमील जमीन पर गरम थान है,जहां वषोंर् से पूजा होते आ रही है. गरम थान तक आने-जाने के लिए 0.26 डिसमील सरकारी रास्ता भी है. जिसे बंद कर दिया गया है. इस गरम थान में किसान बेहतर खेती के लिए पूजा करते हैं. किसानों ने गरम थान के लिए रास्ता छोड़ने की मांग भी की.
प्रदूषण विभाग की टीम आयी थी
किसानों ने बताया कि पिछले दिनों शिकायत करने पर प्रदूषण विभाग की टीम आयी थी. जांच कर गयी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. किसानों ने कहा कि उपायुक्त, एसडीओ, सीओ, बीडीओ, एमपी, एमएलए, सीएम और प्रधानमंत्री जन संवाद में भी शिकायत की गयी. कोई पहल नहीं होने पर किसान बाध्य होकर सड़क पर उतरे.
क्या कहते हैं प्लांट संचालक
स्लैग प्लांट संचालक सुभाष अग्रवाल ने कहा कि मेरी अपनी जमीन पर प्लांट है. स्लैग का पानी खेतों में नहीं जा रहा है. किसी भी सार्वजनिन रास्ते को नहीं घेरा गया है. प्रदूषण विभाग की टीम आयी थी. जैसा आदेश मिलेगा काम करेंगे.
पूजास्थल गरमथान का रास्ता भी बंद करने का आरोप
गालूडीह: मनरेगा से बनी सड़क काटने का विरोध
जमीन रैयत थी तो मनरेगा की योजना कैसे ली गयी
सरकारी राशि के दुरुपयोग का जिम्मेवार कौन
गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की महुलिया पंचायत स्थित बंगाली पाड़ा के नीम तल से एनएच 33 तक मनरेगा योजना से बनी मिट्टी-मुरूम सड़क काट देने का ग्रामीणों ने विरोध जताया.
ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्ष पूर्व महुलिया पंचायत के तहत मनरेगा योजना से नीम तल से एनएच 33 तक कच्ची सड़क बनी थी. बाद में उक्त सड़क को स्लैग प्लांट संचालक सुभाष अग्रवाल ने अपनी जमीन बताते हुए काट कर बंद कर दिया. सड़क बंद होने से सरकारी पैसे का दुरुपयोग हुआ एवं लोगों का आवागमन भी बंद हो गया. पंचायत से इस संबंध में जानकारी मांगने पर कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है. सवाल है कि जब उक्त जमीन रैयत थी,
तो मरनेगा की योजना कैसे ली गयी? ग्रामीणों ने आज सड़क बंद करने के विरोध में विरोध-प्रदर्शन भी किया. इसकी जांच की मांग बीडीओ व सीओ से की है. इधर प्लांट संचालक सुभाष अग्रवाल का कहना है कि जिस जमीन पर सड़क बनी थी, उक्त जमीन हमारी रैयत जमीन है. मैंने कोई अनापत्ति पत्र विभाग को नहीं दिया था. न ही सड़क के लिए अपनी जमीन सरकार को दान दिया था. बहरहाल जो भी हो बंगाली पाड़ा से होते हुए एनएच 33 तक जाने की सड़क बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं.
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