359 लाभुकों को घर नहीं दे सकी नप
Updated at : 03 Apr 2016 9:09 AM (IST)
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356 लाभुकों का आवेदन कटा, तीन ने किया सरेंडर कमल विश्वास चाईबासा : केंद्र सरकार के एकीकृत आवास व मलिन बस्ती विकास कार्यक्रम (आइएचएसडीपी) के तहत नगर पर्षद पांच साल में 736 लाभुकों का चयन नहीं कर सकी. कार्यक्रम के तहत लाभुकों को समुचित आवास व बुनियादी अधोसंरचना की सुविधा देनी थी. पांच साल में […]
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356 लाभुकों का आवेदन कटा, तीन ने किया सरेंडर
कमल विश्वास
चाईबासा : केंद्र सरकार के एकीकृत आवास व मलिन बस्ती विकास कार्यक्रम (आइएचएसडीपी) के तहत नगर पर्षद पांच साल में 736 लाभुकों का चयन नहीं कर सकी. कार्यक्रम के तहत लाभुकों को समुचित आवास व बुनियादी अधोसंरचना की सुविधा देनी थी. पांच साल में नगर पर्षद 359 लाभुकों को सुविधा नहीं दे पायी. विभिन्न कारणों से चयनित 736 में से 356 लाभुकों के आवेदन कट गये. जबकि एक-दो किश्त लेने के बाद आधार निर्माण में विफल रहे तीन लाभुकों ने अपना पैसा सरेंडर कर दिया. केंद्र सरकार के मुताबिक यह योजना मार्च 2016 में बंद होनी थी, लेकिन इस संबंध में अब तक कोई निर्देश नगर पर्षद को नहीं प्राप्त हुआ है.
13.69 करोड़ में 4.68 करोड़ खर्च कर सकी नप : योजना के तहत केंद्र सरकार ने चाईबासा नगर पर्षद को 13, 69,57,004 रुपये आवंटन किये. प्रत्येक लाभुक को इसके लिये 1,47,040 रुपये तीन किस्त में उपलब्ध कराया जाना था. हालांकि बाद में यह राशि बढ़ाकर 1,78,000 कर दी गयी.
736 में से 356 लाभुकों के कट जाने के बाद बाकी 380 लाभुकों पर नप को 6,76,40,000 करोड़ खर्च करने थे, लेकिन नगर पर्षद अब तक केवल 4,68,21,305 रुपये ही खर्च कर सकी है. वहीं 2,08,18,695 अब भी पड़े हैं. 50 लाख दूसरे कार्यों में खर्च : आइएचएसडीपी योजना के तहत लगभग 7 करोड़ खर्च नहीं कर सकी नप ने इसका एक हिस्सा दूसरे मद में खर्च कर दिया है. सूत्रों की मुताबिक यह राशि 50 लाख रुपये के करीब है. इसमें नगर पर्षद ने सड़क, नाली व अन्य आधारभूत संरचनाओं पर खर्च किया है.
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