विषयवार शिक्षक नहीं, कैसे सुधरे रिजल्ट

– मनोज कुमार – चाईबासा : चाईबासा जिले के मैट्रिक का रिजल्ट वर्ष 2012 में पूरे राज्य में 18 वें पायदान पर था. वर्ष 2013 में एक और अंक फिसलकर 19 वें नंबर पर आ गया. जिले में सबसे अधिक विज्ञान व गणित विषय का रिजल्ट खराब होता है. यहां कई ऐसे विद्यालय है जिसमें […]
– मनोज कुमार –
चाईबासा : चाईबासा जिले के मैट्रिक का रिजल्ट वर्ष 2012 में पूरे राज्य में 18 वें पायदान पर था. वर्ष 2013 में एक और अंक फिसलकर 19 वें नंबर पर आ गया. जिले में सबसे अधिक विज्ञान व गणित विषय का रिजल्ट खराब होता है. यहां कई ऐसे विद्यालय है जिसमें विज्ञान व गणित विषय के शिक्षक ही नहीं हैं.
कस्तूरबा व अल्पसंख्यक विद्यालय लेकर जिले में कुल 148 हाई स्कूल है. इनमें केवल पांच में ही प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं. 1396 शिक्षकों के स्वीकृत पद पर केवल 255 शिक्षकों के भरोसे पठन-पाठन का काम चल रहा है.
शिक्षकों की कमी तो है ही. अगर किसी विषय के शिक्षक उस स्कूल में नहीं हैं तो हम उस विद्यालय के नजदीकी स्कूल में छात्रों को भेजकर पढ़ाई पूरी करायेंगे. इस बार हम मैट्रिक का रिजल्ट हर हाल में बेहतर करेंगे.
भलेरियन तिर्की, प्रभारी आरडीडीइ
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