2000 में लाल झंडे के गढ़ में पिता ने लहराया था भगवा, बेटा हरे झंडे से जीता
Updated at : 10 Nov 2019 12:47 AM (IST)
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मो परवेज/राकेश सिंहबहरागोड़ा : बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र आजादी के साथ अस्तित्व में आया. उस दौरान बहरागोड़ा व घाटशिला दोनों एक ही विधानसभा क्षेत्र था. 1972 में कांग्रेस से जीते शिबू रंजन खां बिहार सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री बने थे. इसके बाद 1980 से 2000 तक तक बहरागोड़ा सीट लाल दुर्ग बनी रही. सीपीआइ […]
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मो परवेज/राकेश सिंह
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र आजादी के साथ अस्तित्व में आया. उस दौरान बहरागोड़ा व घाटशिला दोनों एक ही विधानसभा क्षेत्र था. 1972 में कांग्रेस से जीते शिबू रंजन खां बिहार सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री बने थे. इसके बाद 1980 से 2000 तक तक बहरागोड़ा सीट लाल दुर्ग बनी रही. सीपीआइ के देवीपद उपाध्याय चार बार क्षेत्र से जीते.
2000 व 2005 में भाजपा के टिकट पर डॉ दिनेश षाड़ंगी विधायक बने व स्वास्थ्य मंत्री बने. 2009 में डॉ षाड़ंगी को झामुमो प्रत्याशी विद्युत वरण महतो ने हराया फिर भाजपा में शामिल हो गये. 2014 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. 2014 में डॉ दिनेश षाड़ंगी के कुणाल षाड़ंगी झामुमो के टिकट पर यहां से विधायक बने.
क्षेत्र के विकास के लिए तत्पर रहा हूं: कुणाल
विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि मैं जनता के बीच में रह कर काम करता हूं. उनके हर सुख दुख में उनके साथ खड़ा रहता हूं. क्षेत्र के विकास के लिए सदैव तत्पर रहता हूं. इसलिए जनता मेरे साथ है.
विधायक ने की बदले की राजनीति: समीर महंती
झाविमो से झामुमो में शामिल हो चुके हैं समीर महंती ने वर्तमान विधायक के कार्यकाल को असफल बताया. उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक विधायक कुणाल ने बदले की राजनीति की है.
कुल वोटर 2,22, 378
पुरुष वोटर 1,13,240
महिला वोटर 1,09,138
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