नक्सलियों तक 10 लाख की एके-47 की गोलियां पहुंचाने के लिए सरकारी कर्मी समेत तीन ने लिये थे एक लाख एडवांस

Updated at : 14 Dec 2017 5:47 AM (IST)
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नक्सलियों तक 10 लाख की एके-47 की गोलियां पहुंचाने के लिए सरकारी कर्मी समेत तीन ने लिये थे एक लाख एडवांस

गिरफ्तार नक्सली संदीप दा ने पुलिस के समक्ष खोले राज सरकारी कर्मचारी समेत चक्रधरपुर के एक व जेटेया के एक व्यक्ति पर थी डिलिवरी की जिम्मेवारी नक्सलियों को सूचना देने व सांठ-गांठ के आरोप में जेल जा चुका है चाईबासा : नक्सलियों को 10 लाख रुपये की इंशास, एके-47 और एसएलआर की गोली पहुंचाने के […]

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गिरफ्तार नक्सली संदीप दा ने पुलिस के समक्ष खोले राज

सरकारी कर्मचारी समेत चक्रधरपुर के एक व जेटेया के एक व्यक्ति पर थी डिलिवरी की जिम्मेवारी
नक्सलियों को सूचना देने व सांठ-गांठ के आरोप में जेल जा चुका है
चाईबासा : नक्सलियों को 10 लाख रुपये की इंशास, एके-47 और एसएलआर की गोली पहुंचाने के लिए एक सरकारी कर्मचारी समेत तीन लोगों ने एक लाख रुपये एडवांस लिये थे. इनमें एक चक्रधरपुर, दूसरा जगन्नाथपुर के जेटेया और तीसरा सरकारी कर्मचारी शामिल था. इसका खुलासा गिरफ्तार नक्सली संदीप ने पुलिस के समक्ष अपने बयान में किया है.
सीकेपी व जेटेया के व्यक्ति को खरीदनी थी गोली, सरकारी कर्मचारी को करनी थी गाड़ी की व्यवस्था : जानकारी के अनुसार उक्त सरकारी कर्मचारी चाईबासा के एक अति विशिष्ट संस्थान की देखरेख में लगा था. चक्रधरपुर व जेटेया के व्यक्ति को गोली खरीदनी थी. वहीं सरकारी कर्मचारी को गाड़ी की व्यवस्था करनी थी. नक्सलियों तक गोली पहुंचाने के बाद बाकी के नौ लाख रुपये देना तय हुआ था. लेकिन, नक्सलियों के पास गोली की डिलीवरी नहीं हो सकी. माल नहीं पहुंचने पर सरकारी कर्मचारी को उठा ले गये नक्सली:
गिरफ्तार नक्सली संदीप ने पुलिस को बताया है कि एक लाख रुपये एडवांस देने के बाद भी गोली की डिलिवरी नहीं हुई. इसके बाद तीनों पर दबिश बढ़ायी गयी. माल की डिलीवरी नहीं होने पर रकम वापस मांगा जा रहा था. इसके बावजूद न रकम वापस आ रहा था और न गोली मिल रही थी. इस कारण सरकारी कर्मचारी को उसके संस्थान से नक्सली उठा ले गये थे. इस मामले में उस सरकारी कर्मचारी से नक्सलियों ने विस्तार से पूछताछ की थी. नक्सलियों को सूचना देने के आरोप में जेल जा चुका है सरकारी कर्मचारी :
सरकारी कर्मचारी को नक्सली उठा ले गये थे. इसके बाद पूरे राज्य में यह खबर सनसनी की तरह फैली थी. वीआइपी के सुरक्षा में सेंध लगने से जोड़कर भी इसे देखा गया था. इसके बाद पुलिस ने उस सरकारी कर्मचारी को उठाया था. लंबी पूछताछ के बाद नक्सली सांठ-गांठ व अपने संस्थान में आने-जाने वाले की सूचना देने के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था. वर्तमान में वह जमानत पर रिहा है.
जेटेया के व्यक्ति की हो चुकी है हत्या
जगन्नाथपुर के जेटेया निवासी जिस व्यक्ति पर गोली की डिलिवरी की जिम्मेवारी थी, उसकी हत्या हो चुकी है. जेटेया का यह व्यक्ति ही गोली सप्लाई का मुख्य सूत्रधार था. सीधे तौर पर नक्सलियों से संपर्क में था.
600 रुपये तय हुई थी एक गोली कीमत
इंसास, एके-47 तथा एसएलआर की गोली नक्सलियों को इन तीनों के माध्यम से सप्लाई होनी थी. एक गोली की कीमत छह सौ रुपये तय हुई थी. प्रति गोली छह सौ रुपये के हिसाब से दस लाख रुपये की गोली नक्सलियों तक पहुंचानी थी.
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